महिंदर पाल बिट्टू की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण बना, नामचर्चा घर में जुटने लगे डेरा प्रेमी


 

नाभा जेल में बरगाड़ी बेअदबी मामले के आरोपित डेरा प्रेमी महिंदर पाल बिट्टू की हत्या के बाद मालवा क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। बिट्टू का शव कोटकपूरा में डेरे के नामचर्चा घर में रखा हुआ है। यहां डेरा प्रेमियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। फरीदकोट, बठिंडा व मानसा आदि जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। डेरा के नामचर्चा घरों के बाहर पुलिस व पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रमुख शहरों में आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है। कोटकपूरा को छावनी में तबदील हो गया है।

रैपिड एक्शन फोर्स व बीएसएफ की तीन बटालियनों व एक हजार से अधिक पुलिस जवानों ने कोटकपूरा पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया है। फिरोजपुर रेंज के आइजी मुखविंदर सिंह छीना व एसएसपी राजबचन सिंह संधू की निगरानी में पूरे हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बठिंडा में पुलिस ने नाके लगाकर सघन जांच अभियान चलाया है।

मानसा में हरियाणा सीमा से सटते क्षेत्रों में पुलिस तैनाती बढ़ा दी गई है। सरदूलगढ़ में भी पुलिस मुस्तैद है। डीएसपी संजीव गोयल ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। पुलिस मुलाजिमों की छुट्टी कर रद कर दी गई है। बरनाला में रैपिड एक्शन फोर्स के 200 जवानों के साथ हजार के करीब पुलिस बल ने मोर्चा संभाला हुआ है। सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है। बरनाला के महलकलां, भदौड़ व धनौला में फ्लैग मार्च भी निकाला गया।

संगरूर में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर राजेश त्रिपाठी ने प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक करके शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की है। फिरोजपुर में भी फ्लैग मार्च निकाला गया। मोगा में डीसी संदीप हंस और सीनियर पुलिस कप्तान मोगा अमरजीत सिंह बाजवा ने राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों के साथ बैठक की। जिला पुलिस व बीएसएफ ने फ्लैग मार्च निकाला।

हत्या का कारण नहीं बता पा रही पुलिस

पुलिस अभी तक महिंदर पाल सिंह बिट्टू की हत्या का कारण नहीं बता पा रही है। हवालाती मनिंदर और कैदी गुरसेवक सिंह ने महिंदरपाल सिंह की हत्या क्यों की, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।

पूर्व सैनिक की हत्या मामले में अंडर ट्रायल है मनिंदर

आरोपित मनिंदर सिंह ने वर्ष 2015 में साथियों के साथ मिलकर गांव के ही पूर्व सैनिक की पिटाई कर दी थी। उपचार के दौरान पूर्व सैनिक की मौत हो गई थी। हालांकि, एफआइआर में मनिंदर का नाम नहीं था, लेकिन बाद में जांच के दौरान उसका नाम शामिल किया गया था। मनिंदर उस केस में नाभा जेल में अंडर ट्रायल है।

गुरसेवक ने कार साथियों के साथ मिल की थी गुरजंट की हत्या

हत्या मामले का दूसरा आरोपित गुरसेवक सिंह मोहाली जिले के गांव झुरहेडी का रहने वाला है। गुरसेवक सिंह गांव सियाऊ के गुरजंट सिंह जैंटा की हत्या के मामले पहले से ही नाभा जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा है। गुरजंट सिंह सात जुलाई 2014 को दोस्त मेजर सिंह के साथ कंबाली की पीर की मजार के पास सर्विस स्टेशन पर कार की धुलाई करवाने गया था। वहां पर दो कारों में आए कुलदीप सिंह दीप, सुखप्रीत सिंह रोड़ा, दलवीर सिंह, कमलजीत कमल, गगनदीप सिंह, गुरसेवक सिंह, हरप्रीत सिंह तूर और रूपिंदर सिंह ने उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी थी।

बिट्टू से पूछताछ करने वाली थी एसआइटी, इसलिए मार डाला

नाभा जेल में डेरा प्रेमी की हत्या को सिख रहत मर्यादा जागरूकता मंच ने बड़ी साजिश करार दिया है। मंच के सदस्यों ने दावा किया कि एसआइटी के सदस्य आइजी कुंवर विजय प्रताप महिंदर पाल बिट्टू से पूछताछ करने की तैयारी कर रहे थे, इसलिए बिट्टू का जेल में कत्ल करवा दिया गया, ताकि जांच प्रभावित हो। उन्होंने कहा हमें यह शक पहले ही था कि बेअदबी की जांच को केंद्र सरकार पूरी नहीं होने देना चाहती।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ईमानदारी से मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन कुछ सदस्य उनका सहयोग नहीं कर रहे। इस पर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने ट्विटर पर कुछ समय पहले लिखा था कि कुछ भी हो जाए, वे बेअदबी की जांच को अकेले ही पूरा करेंगे। मंच का कहना है कि यह जांच कुंवर विजय प्रताप सिंह की वजह से ही ही मुकम्मल होगी।

उन्होंने पंजाब सरकार व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा से मांग की है कि वह जांच करवाएं, जिससे पता लग सके कि कत्ल बेअदबी की जांच को प्रभावित करन के लिए किया गया है या कोई और वजह है। एसआइटी गुरमीत राम रहीम से भी पूछताछ करना चाहती है, लेकिन उसे अनुमति नहीं मिल रही। मंच ने केंद्र सरकार पर बादल परिवार को बचाने का आरोप लगाया।

हमले के तरीके पर जेल प्रबंधन व पुलिस में तालमेल नहीं

नाभा की नई जेल में डेरा प्रेमी महिंदर पाल बिट्टू की हत्या के तरीके पर जेल प्रबंधन व पंजाब पुलिस में तालमेल नहीं दिखा। जेल सुपरिंटेंडेंट बलकार सिंह ने शनिवार को कहा था कि आरोपितों मङ्क्षनदर सिंह और गुरसेवक सिंह ने बैरक की ग्रिल की दो रॉड उखाड़ कर हमला किया। वहीं, पटियाला रेंज के आइजी एएस राय ने कहा कि जेल परिसर में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। वहां पर पड़े सरिये से आरोपितों ने महिंदर पाल पर हमला किया। इसके बाद रविवार को आइजी राय ने स्पष्ट किया कि उन्हें गलतफहमी हो गई थी। पहले दिए बयान से पलटते हुए उन्होंने भी बैरक की ग्रिल से रॉड उखाड़ कर हमले की बात कही।


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