बुड्ढे नाले में ऑक्सीजन देने लगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड



नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी.) की बुड्ढे नाले की सफाई को लेकर सख्त हिदायतों के बाद पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पी.पी.सी.बी.) को भी समझ आ गया है कि पानी में ऑक्सीजन की बहुत जरूरत है। इसके लिए बोर्ड के ओर से एक पायलट प्रोजैक्ट शुरू किया गया है।

इस प्रोजैक्ट के तहत बुड्ढे नाले में एक यंत्र के जरिए ऑक्सीजन को बढ़ाया जाएगा जिससे जीव-जंतुओं को पानी में सांस लेने की दिक्कत नहीं आएगी। इस प्रोजैक्ट का उद्घाटन आज बोर्ड के चेयरमैन डा. एस. एस. मरवाहा और मैंबर सैक्रेटरी करुणेश गर्ग ने किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल बुड्ढे नाले में ऑक्सीजन का लैवल जीरो है। पटियाला में ऐसे ही एक प्रोजैक्ट को कुछ दिन पहले शुरू किया गया था। वहां आक्सीजन 1.6 के स्तर पर पहुंच गई है। ऑक्सीजन देने के लिए यंत्रों को बुड्ढे नाले के किनारे लगा दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि समय-समय पर सरकारी सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांटों की भी जांच की जाएगी। इसमें यदि खामियां पाई गईं तो संबंधित विभागों पर कार्रवाई की जाएगी।

मैंबर सैक्रेटरी करुणेश गर्ग ने कहा कि बोर्ड अब साफ पानी मुहैया करवाने के लिए हर उचित कदम उठाएगा। डाइंग इंडस्ट्री को भी हिदायतें दे दी गई हैं कि यदि किसी ने भी जमीन में पाइप डालकर पानी छोडऩे की कोशिश की तो उसकी इंडस्ट्री को ताले लगा दिए जाएंगे। पानी की क्वालिटी को सुधारने के लिए बोर्ड अपने स्तर पर नए-नए प्रयोग कर रहा है। इस पायलट प्रोजैक्ट के इंचार्ज एन्वायरनमैंट इंजीनियर जी.एस. गिल को बनाया गया है। इस अवसर पर लुधियाना के चीफ इंजीनियर गुलशन राय, एन्वायरनमैंट इंजीनियर परमजीत सिंह, रमन दीप सिद्धू, राजेश बाबा आदि उपस्थित थे।


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