श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियों जोरों पर, यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने के लिए श्राइन बोर्ड, पी.डी.ए. व PWD काम में जुटे


 

अगले महीने 1 जुलाई से शुरू होने वाली बाबा बर्फानी की यात्रा से पहले अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। यात्रा मार्ग पर एम.जी. टॉप के पास 17 फुट तक बर्फ जमी हुई है। लिहाजा बर्फ हटाने के काम में यदि तेजी न लाई गई तो यात्रा शुरू करने में विलम्ब भी संभव है। पंजाब केसरी के पास यात्रा मार्ग की पोशपत्तरी इलाके की कुछ तस्वीरें और वीडियो आई हैं। इन तस्वीरों और वीडियो में पोशपत्तरी इलाके में साढ़े 9 फुट तक बर्फ जमी हुई है।

यह जगह गुफा से करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर है और इस 14 किलोमीटर के रास्ते को अगले 24 दिन में साफ करना बड़ी चुनौती है। हालांकि यात्रा मार्ग पर श्राइन बोर्ड के अलावा पहलगाम डिवैल्पमैंट अथारिटी के लोग बर्फ हटाने का काम कर रहे हैं लेकिन यह काम धीमी गति से हो रहा है जिसके चलते यात्रा के दौरान भक्तों को परेशानी भी हो सकती है। पिछले साल 2 लाख 85 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे और इस साल यह आंकड़ा बढऩे की संभावना जताई जा रही है।

पहलगाम के रास्ते से चंदनवाड़ी से होते हुए गुफा की दूरी करीब 29 कि.मी. है। इस रास्ते पर भक्तों को पिस्सूटॉप, शेषनाग व पंचतरनी से होते हुए गुफा तक पहुंचना होता है। इस पूरे रास्ते पर फिलहाल 6 फुट से 16 फुट तक बर्फ जमी हुई है जबकि बालटाल के रास्ते गुफा की दूरी करीब साढ़े 9 कि.मी. है। यह रास्ता भी बर्फ से ढका हुआ है और बर्फ हटाने का काम लगातार जारी है। रास्ते को साफ कराने का काम पी.डी.ए. और पी.डब्ल्यू.डी. से करवा रहा है। कुछ काम श्राइन बोर्ड के इंजीनियर भी कर रहे हैं।

यात्रा मार्ग पर लगाये गये 150 डस्टबिन

चंदनबाड़ी से लेकर गुफा तक पूरी यात्रा के मार्ग पर करीब 150 डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। और 100 लोगों की टीम यात्रा मार्ग पर फैलाए जाने वाले सारे कचरे को नीचे चंदनबाड़ी लेकर आएगी और यात्रा मार्ग पर कोई भी कचरा शेष नहीं बचेगा। इसके अलावा यात्रा मार्ग को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 50 किलोवाट क्षमता का पावर प्लांट भी लगाया जा रहा है। इससे पैदा होने वाली बिजली अपने लंगर व कैम्प के लिए इस्तेमाल की जाएगी और इससे स्ट्रीट लाइट जलाने के अलावा अन्य कैम्पों को भी हमने बिजली की पेशकश की है ताकि यात्रा मार्ग पर जैनरेटर के इस्तेमाल से होने वाला प्रदूषण रोका जा सके। हम हाइड्रो प्लांट लगा रहे हैं। इस प्लांट में यात्रा के दौरान वर्षा से भीगने वाले भक्तों के लिए एक स्पैशल कैबिन बनाया जाएगा। इसमें हीटर लगाए जाएंगे। भक्तों को इस प्लांट में रखे गए वार्मर पहनने के लिए दिए जाएंगे और भक्तों के कपड़े हीटर से सुखा कर उन्हें प्रैस करके मौके पर ही वापस कर दिया जाएगा। यात्रा मार्ग में एक बेकरी की स्थापना भी की जा रही है। इस बेकरी में सब वे की तर्ज पर सब्जी से भरी ब्रैड श्रद्धालुओं को दी जाएगी।


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