इंटरनैट पर इस तरह चल रहा है जिस्मफरोशी का गंदा धंधा – आरोपियों को पकड़ने के लिये सतर्क हुई पुलिस


Prostitution Racket Busted

महानगर में जिस्मफरोशी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है, इस धंधे से जुड़े लोग हाईटैक तरीकों को अपना रहे हैं। जिस्मफरोशी के सरगना इंटरनैट पर अपना विज्ञापन देते हैं और जब कोई ग्राहक उनको मोबाइल पर सम्पर्क करता है तो उसे युवतियों की फोटोज व्हाट्सएप पर भेजी जाती हैं। इसके बाद उसे युवती पसंद करने के लिए कहा जाता है। ग्राहकों को बताया जाता है कि एक रात गुजारने के लिए उन्हें 10 हजार खर्चने होंगेे। युवती पसंद आने पर ग्राहक से पेटीएम के जरिए कैश ट्रांसफर करने की मांग की जाती है। पेटीएम से कैश ट्रांसफर होने संबंधी ग्राहक को मोबाइल से स्नैपशॉट भेजने को कहा जाता है। कैश ट्रांसफर कन्फर्म होने पर ग्राहक से उसका मनपसंद होटल या गैस्टहाऊस पूछा जाता है और उन्हीं के द्वारा होटल रूम की बुकिंग की जाती है। सब कुछ होने के बाद शाम को उक्त होटल में एक व्यक्ति आकर युवती को ग्राहक के पास छोड़ता है।

होटल में कराओ कमरा बुक, वहीं मिलेगी युवती

जालंधर की एक्सकोर्ट्स सॢवस जोकि लड़कियां सप्लाई करने का काम करती है, उनका ग्राहक को दावा होता है कि वह शहर के किसी भी होटल में कमरा बुक करा लें। इसके बाद वह उक्त होटल से कन्फर्म कर लड़की को सीधा उनके रूम में भेज देंगे। लड़की के साथ एक व्यक्ति आता है जोकि ग्राहक से पेमैंट लेकर लौट जाता है। जब इस ग्राहक द्वारा धंधे से जुड़े लोगों से पुलिस की रेड के बारे में पूछा जाता है तो उनका जवाब होता है कि चाहे कोई भी होटल हो पुलिस रेड नहीं करेगी और इसकी सारी जिम्मेदारी वे अपने ऊपर लेते हैं।

होटल्स और गैस्टहाऊस में कभी-कभार होती है चैकिंग

जालंधर पुलिस द्वारा होटल्स और गैस्टहाऊस में रैगुलर चैकिंग नहीं होती और इसी के परिणामस्वरूप जिस्मफरोशी का धंधा चलाने वाले लोग पुलिस के हत्थे नहीं लग पाते। मकसूदां थाने में आतंकियों द्वारा बम फैंके जाने के बाद कुंभकर्णी नींद में सोई हुई पुलिस हरकत में आई थी। सिटी रेलवे स्टेशन के पास कई गैस्ट हाऊस में बिना पहचान पत्र के भी रूम दे दिए जाते हैं और इनमें से कई गैस्ट हाऊस ऑनर अपना रजिस्टर भी मैनटेन नहीं करते। ऐसे कुछ गैस्ट हाऊसों में भी जिस्मफरोशी का धंधा खूब फल-फूल रहा है।

इंटरनैट पर जिस्मफरोशी के धंधे को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ साइबर सैल क्यों नहीं करता कार्रवाई गौरतलब है कि गूगल पर जालंधर में एस्कोर्ट्स सर्विस के बारे में सर्च करने पर इस धंधे से जुड़े लोगों के विज्ञापन आ जाते हैं और यह बात पुलिस से भी नहीं छुपी हुई है। अब सवाल उठता है कि इंटरनैट पर जिस्मफरोशी के धंधे को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ पुलिस का साइबर सेल विभाग कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता है।

मामला ध्यान में आने पर होती है कार्रवाई: डी.सी.पी.

जब इस बारे में सीनियर पुलिस अधिकारी डी.सी.पी. गुरमीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी मामला जब उनके ध्यान में आते हैं तो पुलिस कार्रवाई जरूर करती है। पुलिस ने देह व्यापार का धंधा चला रहे कई लोगों को बेनकाब किया है। मसाज पार्लर की आड़ में चल रहे जिस्मफिरोशी के धंधे पर भी पुलिस ने कार्रवाई की थी और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज

 

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