पंजाब राज्य फूड कमीशन का प्रस्ताव लागू होने पर सरकारी स्कूलों में 12वीं तक के छात्रों को भी मिलेगा Mid Day Meal


पंजाब राज्य फूड कमीशन का प्रस्ताव अगर लागू हुआ तो आने वाले दिनों में आंध्र प्रदेश की तर्ज पंजाब के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक पढऩे वाले विद्यार्थियों को मिड-डे मील स्कूल में उपलब्ध करवाया जाएगा। बता दें कि अभी तक केंद्र सरकार की इस योजना के तहत सिर्फ 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को ही मिड-डे मील योजना का लाभ मिल रहा है। शहर के विभिन्न राशन वितरण डिपुओं का दौरा करने पहुंचे पंजाब राज्य फूड कमीशन के मैंबर गुरसंदीप सिंह ग्रेवाल ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र और 8वीं कक्षा तक के बच्चों को उपलब्ध करवाया जाता मिड- डे मील अब 12वीं कक्षा तक के बच्चों को उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव है। कमीशन द्वारा इस शृंखला में बाकायदा कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पहले से चल रही योजनाओं पर लागू नहीं आचार संहिता

इस अवसर पर उन्होंने डिपो होल्डरों और राशन प्राप्त करने वाले लाभपात्रों को स्पष्ट किया कि चाहे देश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है परन्तु जो योजनाएं पहले से ही चल रही हैं, उनके लाभ वितरण पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने डिपो होल्डरों को निर्देश दिए कि वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित किए जाने वाली गेहूं और अन्य खाद्य पदार्थों की योग्य लाभपात्रों तक पहुंच यकीनी बनाएं लेकिन किसी भी कारण आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

डी.ई.ओ. को दिए निर्देश

इस अवसर पर उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी स्वर्णजीत कौर को उन्होंने ने निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों में वितरित किए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं नहीं आनी चाहिए। मिड-डे मील के लिए जरूरी फंडों आदि की डिमांड समय रहते कर ली जानी चाहिए ताकि बच्चों को मिड-डे मील देने में कोई रुकावट पेश न आए। इस अवसर पर एडीशनल डिप्टी कमिश्नर इक़बाल सिंह संधू, जिला खुराक और सप्लाई कंट्रोलर राकेश भास्कर, उप-जि़ला शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार और अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे।


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