पंजाब विश्‍वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विकसित की नई तकनीक, इस तकनीक की मदद से नहीं होगा डाटा लीक साइबर क्राइम से रहेंगे महफूज


Mobile Users

अब आपके मोबाइल का डाटा पूरी तरह सुरक्षित होगा और आप साइबर क्राइम का शिकार होने से बच सकेंगे। किसी से बात करते हुए अब आपकी प्राइवेसी को भी कोई खतरा नहीं है। आपकी बातचीत सहित हर तरह का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित होगा। इसके लिए पंजाब विश्‍वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नायब तकनीक विकसित की है। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (यूआइईटी) के टीचर्स और स्टूडेंट्स ने ऐसा उपकरण व तकनीक ईजाद की है, जिससे आपको बातचीत के लिए सर्विस प्रोवाइडर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। आपके पास बस इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए। इसके बाद इस यंत्र को इंटरनेट पर जोड़ा जाएगा और आपकी बात सामने वाले व्यक्ति से मोबाइल पर संभव होगी।

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत है कि न तो आपको सर्विस प्रोवाइडर की जरूरत होगी और न ही किसी तरह की प्राइवेसी व डाटा लीक होने का खतरा रहेगा। छोटे एरिया में यह तकनीक बेहद कारगर है। किसी भी छोटी कॉलोनी या एरिया में इसको आसानी से लागू किया जा सकता है। रिमोट एरिया में भी काफी कारगर साबित हो सकती है। विभाग की प्रो. साक्षी, प्रो. सरबजीत और प्रो. हरीश के सुपरविजन में रिसर्च स्कॉलर नीतिश महाजन और चीनू सिंगला सहित एमटेक की टीम ने यह तकनीक खोजी है।

प्रो. साक्षी के अनुसार इस तकनीक को बनाने में करीब 2 साल लगे। इसमें पीयू के यूआइईटी के टीचर्स और पीएचडी स्कॉलर्स ने अपना योगदान दिया है। दो स्टूडेंट्स को करीब साढ़े 14 लाख की स्कॉलरशिप मिली है। वहीं, अन्य उपकरण खरीदने, इन्फ्रास्ट्रक्चर जोडऩे और लैब बनाने में भी करीब इतना ही खर्च आया है। इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार से सर्टिफिकेशन चाहिए, जिसका काम शुरू हो चुका है। प्रो. साक्षी का कहना है कि संस्थान द्वारा बनाई गई तकनीक व उपकरण का इस्तेमाल चार आर्मी कैंटोनमेंट में सबसे पहले किया गया। करीब 10 हजार लोग बिना सर्विस प्रोवाइडर के इंटरेनट के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं।

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