सिख्स फॉर जस्टिस ने करतारपुर साहिब कॉरीडोर को दिया ब्रिज टू खालिस्तान नाम, किये कई ऐलान


Kartarpur sahib Gurudwara

खालिस्तान पक्षीय संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एस.एफ.जे.) ने करतारपुर साहिब कॉरीडोर को खालिस्तान की तरफ अहम कदम करार देते हुए इसे ‘ए ब्रिज टू खालिस्तान’ का नाम दिया है। एस.एफ.जे. ने साथ ही यह भी ऐलान किया कि 2019 दौरान पाकिस्तान में इकट्ठा होने वाले सिखों की मौजूदगी में करतारपुर साहिब कन्वैंशन करवाई जाएगी जिसमें पंजाब से आने वाले सिखों को यू.एन. चार्टर के तहत आजादी के अधिकार संबंधी जागरूक किया जाएगा और 10 हजार सिखों को एजुकेट कर पंजाब में रैफरैंडम-2020 के ध्वजवाहक बनाया जाएगा।

एस.एफ.जे. के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने जारी बयान में कहा कि कॉरीडोर खालिस्तान के मामले में बहुत ही अहम भूमिका निभाने वाला कदम है। गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशपर्व के मौके पर दुनियाभर से जुटने वाले लाखों सिखों के साथ ‘भारतीय कब्जे वाले पंजाब’ में रहने वाले सिखों की पहली बड़ी मुलाकात होगी। इस दौरान एस.एफ.जे. जहां सिखों को आजादी के अधिकार के प्रति जागरूक करेगा, वहीं, एस.एफ.जे. के लाहौर स्थित कार्यालय के जरिए वोटर रजिस्ट्रेशन का काम भी किया जाएगा, ताकि खालिस्तान बनाने के लिए चल रही रैफरैंडम-2020 कैंपेन के लिए पर्याप्त आधार जुड़ सके। एस.एफ.जे. ने कहा कि समारोहों दौरान एस.एफ.जे. 10 हजार सिखों को स्पांसर किया जाएगा ताकि पूरी तरह से अधिकारों के प्रति एजुकेट किया जा सके और वे आगे जाकर पंजाब में रैफरैंडम-2020 के लिए लोकतांत्रिक व शांतिमय ढंग से प्रचार कर सकें।

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