अदालत ने 47 दिन में मासूम से हुए दुष्कर्म के मामले में सुनाई सजा, आरोपी को हुई मौत की सजा


court verdict

देश भर में महिलाओं एवं छोटी बच्चीयों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनायें हो रहीं है महिलाओं के साथ हो रहे दुराचार की घटनाओं को रोकने के लिये न्यायालय एवं सरकार काफी कदम उठा रहें है ऐसे ही एक मामले में मध्यप्रदेश के सतना जिले में चार साल की मासूम के साथ रेप के दोषी महेंद्र सिंह गौड़ को यहां की एक अदालत ने 47 दिन में फांसी की सजा सुना दी है. अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया. मामले का आरोपी सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर बताया जा रहा है. लोक अभियोजन अधिकारी रामपाल सिंह ने बताया कि महेंद्र पर उचेहरा थाने के परसमनिया गांव में एक जुलाई की रात को चार साल की मासूम को सोते समय अगवा कर रेप करने और उसे मरा समझकर जंगल में फेंक देने का दोषी पाते हुए नागौद न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश शर्मा ने बुधवार को उसे फांसी की सजा सुनाई.

पुलिस के अनुसार, एक जुलाई की रात को महेंद्र ने मासूम का घर से अपहरण कर लिया था. मौके से मिले सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने 34 दिन में न्यायालय में चालान पेश किया, जिसके बाद न्यायालय में 47 दिन सुनवाई चली. सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने बुधवार को फैसला सुनाया.

घटना उचेहरा थाने के पन्ना गांव की थी. बच्ची घर के बाहर अपने पिता के पास सो रही थी तभी गांव का ही एक युवक उसे उठा ले गया और करीब आधा किलोमीटर दूर ले जाकर उसने बच्ची के साथ बलात्कार किया. बलात्कार के बाद बच्ची को मरा हुआ समझकर वह उसे छोड़कर भाग आया था.


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