आबकारी एवं कराधान विभाग ने 5 यूनिटों पर की कड़ी कार्रवाई, 115 करोड़ के घोटाले का हुआ पर्दाफाश


Income Tax Department

आबकारी एवं कराधान विभाग (एस.जी.एस.टी.) ने 115 करोड़ का घोटाला पकड़ा। विभाग की डिस्ट्रिक्ट-1 की टीम ने 5 यूनिटों पर कार्रवाई की, जिसमें लुधियाना, खन्ना व फतेहगढ़ साहिब में 4 लोहे के व्यापारी व एक हौजरी का कारोबारी शामिल हैं। उक्त कार्रवाई ए.ई.टी.सी. विजय गर्ग की अगुवाई में हुई। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह केस स्क्रूटनी से संबंधित है। उक्त जिन यूनिटों की सेल अथवा परचेज में गड़बड़ घोटाला था, उन यूनिटों को विभाग ने अपनी राडार पर लिया है। उक्त यूनिटों की बिलिंग, सेल, परचेज बोगस पाई गई।

जी.एस.टी लागू होने के बाद नहीं जमा करवाया टैक्स

जब से जी.एस.टी लागू हुआ है, उपरोक्त यूनिटों ने टैक्स नहीं जमा करवाया जबकि इसके अलावा कई यूनिटों द्वारा रिफंड लेने की कोशिश भी जारी थी। विभाग ने उक्त यूनिटों से सेल-परचेज करने वाले सभी यूनिटों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इनमें से अधिकतर यूनिट डिस्ट्रिक्ट 02 और डिस्ट्रिक्ट 03 व सैंटर जी.एस.टी. विभाग की रेंज में आते हैं। उपरोक्त यूनिट बोगस बिलिंग का गोरखधंधा कर रहे थे।

बोगस बिलों पर शिकंजा कसने के मूड में विभाग

पता चला है कि यह जालसाज जाली बिल का आई.टी.सी. (इनपुट टैक्स क्रैडिट) भी क्लेम करवाते थे। जिक्रयोग है कि जालसाजी का यह कारोबार केवल जी.एस.टी. कौंसिल की गलती का परिणाम है, क्योंकि विभाग की ओर से जी.एस.टी. लागू हुए 17 महीने हो जाने के बाद भी टैक्स चोरी जारी है, जिसका मुख्य कारण यह है कि अभी तक केवल जी.एस.टी.आर.-01 रिटर्न ही भरी जा रही है, जबकि 3 बी टैक्स कलैक्शन के लिए जारी है, जी.एस.टी.-02, 03 रिटर्न न भरने से जहां मिस मैच की समस्या आ रही है वहीं जाली बिल के गोरखधंधे फलफूल रहे हैं क्योंकि जाली बिल लेने वाले को अभी तक इस बात का अंदाजा नहीं है कि वह कौन से बिल ले रहे हैं, इसलिए विभाग ऐसी बोगस फर्मों पर शिकंजा कसने के मूड में नजर आ रहा है।

ए.ई.टी.सी. अधिकारी ने बताया

टैक्स चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बोगस फर्मों पर शिकंजा कसा जा रहा है, जो भी ऐसी फर्म होगी, उस पर विभाग द्वारा सख्त से सख्त कार्रवाई कर बनता जुर्माना व पैनल्टी भी लगाई जाएगी, जबकि सरकार के रैवेन्यू को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। विभाग आने वाले कुछ दिनों में अपनी कार्रवाई में तेजी लाएगा। -विजय गर्ग, ए.ई.टी.सी.।


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