बिना ड्राइवर के रिवर्स चली स्कूल बस, राहगीर ने बचाई 2 दर्जन बच्चों की जान


भामियां रोड क्षेत्र में पड़ती गुरु नानक कालोनी में आज उस समय अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया जब सैक्रड हार्ट कॉन्वैंट स्कूल चंडीगढ़ रोड के लिए चलने वाली निजी आप्रेटर की ड्राइवर रहित बस सड़क पर खड़ी करने के दौरान अपने आप ही पीछे (रिवर्स) चल पड़ी। जब यह घटना हुई उस समय बस में करीब 2 दर्जन विद्यार्थी सवार थे, जिन्होंने बस को पीछे जाते देख चिल्लाना शुरू कर दिया।

इसी बीच 2 विद्यार्थी बस से नीचे आए और बस को रोकने का असफल प्रयास किया। बज्जों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पास ही खड़े एक व्यक्ति ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस में दाखिल होकर पीछे की ओर जा रही बस का गेयर डाला और उसे बंद कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बस करीब 200 मीटर तक रिवर्स चली।घटना के बाद बस में सवार घबराए स्टूडैंट्स ने लोगों से फोन मांग कर अपने अभिभावकों को फोन करके मौके पर बुलाया। इसी बीच बस को रोकने वाले व्यक्ति चंद्रशेखर ने पुलिस को सूचित किया। मामला पुलिस के पास पहुंचने के बाद मालूम चला कि बस के दस्तावेज भी पूरे नहीं हैं और स्कूल के लिए चलने वाली उक्त बस हाईकोर्ट के आदेशों पर बनी सेफ स्कूल वाहन स्कीम के अधिकतर नियमों को पूरा नहीं कर रही है। घटना के बाद थाना डवीजन नं. 7 की पुलिस ने स्कूली बस जब्त कर लिया है। उधर, अभिभावकों ने भी उक्त मामला शुक्रवार को स्कूल के पास उठाने की तैयारी कर ली है।

बस की नहीं लगी हैंड ब्रेक : चंद्रशेखर

पुलिस को फोन पर मामले की शिकायत करने वाले शिकायतकत्र्ता चंद्रशेखर ने बताया कि जब उसने बस में दाखिल होकर हैंड ब्रेक लगानी चाही तो ब्रेक नहीं लगी। बाद में उसने बस का गियर डालकर उसे पीछे जाने से रोका और गियर में ही बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि बस में करीब 25 विद्यार्थी सवार थे। बस में बैठे विद्यार्थियों ने बताया कि बस में कंडक्टर न होने की वजह से ड्राइवर बस को एक तरफ लगाकर कुछ बच्चों को उनके घरों तक छोडऩे गया था लेकिन अचानक ही बस एकदम से पीछे की ओर जाने लगी।

अंकल की सूझबूझ से हुआ बचाव : छात्रा

बस में सवार छात्रा भूमिका ने बताया कि अचानक बस को पीछे की ओर से आते देखकर सभी स्टूडैंट्स घबरा गए थे लेकिन अंकल (चंद्रशेखर) ने बस में दाखिल होकर किसी भी अप्रिय घटना को घटने से रोक लिया। मौके पर पहुंचे पेरैंट्स ने बताया कि बस में कोई कंडक्टर का न होना सरेआम नियमों का उल्लंघन है। इस बारे कल स्कूल जाकर प्रबंधकों से भी बात की जाएगी।

 


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