राज्य में धार्मिक स्थल से बच्चों को उठा लुधियाना में लगाई जाती है बोली, पुलिस की नाक तले महिला चला रही है गोरखधंधा


प्रदेश भर के धार्मिक स्थलों से मासूम बच्चे उठाने वाला गिरोह सरगर्म है। इन मासूम बच्चों की बोली लुधियाना के शिमलापुरी में लगती है। फिल्लौर दरबार से उठाया गया बच्चा भी गिरोह के लोगों के पास है जिसे बेचने के लिए खरीदारों से मोटे दाम मांगे जा रहे हैं। गिरोह का दूसरा काम गरीब घरों की लड़कियों को शादी का झांसा देकर देह व्यापार में डालना है।

गिरोह कैसे देता है इस काम को अंजाम

सूत्रों के अनुसार गिरोह के लोग महिलाओं के वेश में प्रदेश के बड़े धार्मिक स्थलों पर फैले होते हैं, जहां माथा टेकने आए लोग जब अपने बच्चे को पास में ही खेलने के लिए लेटा देते हैं तो गिरोह के लोग मौका देखते ही बच्चे को उठा लेते हैं। जैसे ये फिल्लौर में स्थित मईया भगवान के डेरे से 4 माह के मासूम को मां के दूर जाते ही उठा कर ले गए। बाद में बच्चों का थोड़ा बहुत हुलिया बदल कर उन्हें तैयार कर नि:संतान लोगों से संपर्क कर बच्चा गोद लेने के लिए उन्हें फोटो भेजते हैं। इसमें जो ज्यादा बोली लगाता है बच्चा उसी को बेच दिया जाता है। बच्चा बेचने की बोली लड़का-लड़की के हिसाब से तय होती है।

पुलिस को मिली बोली लगने की सूचना

गत दिवस एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि जिस बच्चे को वह ढूढ़ रहें है उसको लुधियाना के शिमलापुरी में बेचने की बोली लगाई जा रही है। गिरोह ने बाकायदा बच्चे की फोटो भी खरीदारों को अपने फोन से व्हाट्सएप की है जिसे सूचना देने वाले ने पुलिस को दिखाया। फोटो में बच्चे को सुंदर दिखने के लिए तैयार किया हुआ था। उक्त फोटो को देखते ही मां ने अपने बच्चे को पहचान लिया। जिस पर थाना प्रभारी जतिंदर सिंह ने पुलिस पार्टी के साथ सूत्र द्वारा बताए गए अड्डे शिमलापुरी में रात्रि 11 बजे छापा मारा तब तक गिरोह के लोग वहां से भाग चुके थे। थाना प्रभारी ने जब उक्त फोन नंबर की डिटेल निकाल देर रात गांव मुंडिया में छापा मारा तो पता चला कि गिरोह के लोग अन्य लोगों की आई.डी. का इस्तेमाल कर उनके नाम की सिम लेकर चला रहे हैं। पूरी रात थाना प्रभारी ने लुधियाना के अलग-अलग स्थानों पर छापामारी की परंतु गिरोह के लोग हाथ नहीं लगे। पुलिस बच्चे के बिल्कुल नजदीक पहुंच कर भी उस तक नहीं पहुंच पाई।

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