पुलिस द्वारा पकड़े गये कश्मीरी छात्रों ने किया खुलासा – आतंकी मूसा ने करवाए थे मकसूदां थाने में ब्लास्ट, 2 कश्मीरी आतंकी गिरफ्तार


डेढ़ महीने पहले जालंधर के मकसूदां थाने में एक के बाद एक हुए 4 धमाके अंसार गजवत उल हिन्द यानि हिंदुस्तान के खिलाफ जंग नामक संगठन के सरगना व अलकायदा के पूर्व कमांडर आतंकी जाकिर मूसा के गुर्गों ने करवाए थे। सोमवार को यह खुलासा शहर से पकड़े गए सेंट सोल्जर कॉलेज के 2 और कश्मीरी छात्रों ने पुलिस पूछताछ में किया है। हालांकि इनका कहना है कि ये तो सिर्फ साथ आए थे बम इन्होंने नहीं फेंके। बम फेंकने वाले इनके साथी अभी फ रार हैं।

इनकी पहचान शहीद क्यूब पुत्र अब्दुल क्यूब निवासी नूरपुर और फैजल वासिर पुत्र अहद पीचू निवासी घाट मोहल्ला अवंतिपुरा जम्मू कश्मीर के तौर पर हुई है। इनका संबंध जाकिर मूसा के संगठन से हैं। देर शाम एक प्रैस कांफ्रैंस करके पुलिस कमिश्नर जालंधर गुरप्रीत सिंह भुल्लर व काऊंटर इंटैलीजैंस के ए.आई.जी. हरकंवल प्रीत सिंह खख ने मकसूदां ब्लास्ट के आरोपियों को पकडऩे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मकसूदां थाने में हैंड ग्रेनेड से हमला किया गया था जिसके बाद स्पैशल टीम बनाकर पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान पता चला कि जम्मू कश्मीर से इंडिगो एयरलाइन्स की फ्लाइट से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर उतरने के बाद 13 सितम्बर को कश्मीर से मीर रऊफ अहमद व मीर उमर रमजान नामक 2 युवक जालंधर आए और अगले दिन मकसूदां में ब्लास्ट के बाद वापस चले गए। उनके बारे में जब जांच की गई तो पता चला कि कश्मीर से आए दोनों युवक जालंधर में शाहिद कयूम (22), फाजिल बशीर (23) के पास उनके पी.जी. में रुके थे।

शाहिद कयूम व फाजिल बशीर के बारे में जांच करने पर यह बात सामने आई कि उक्त दोनों सेंट सोल्जर इंस्टीच्यूट में इंजीनियरिंग (7वां समैस्टर) के छात्र हैं। शाहिद कयूम को पुलिस ने जालंधर व फाजिल बशीर को जम्मू-कश्मीर से हिरासत में ले लिया जिन्होंने कबूला कि उन्होंने कश्मीर से आए मीर रऊफ अहमद व मीर उमर रमजान के साथ मिलकर मकसूदां थाने पैदल जाकर वहां 4 हैंड ग्रेनेड फैंके थे। वे चारों कुख्यात आतंकी जाकिर मूसा के सम्पर्क में थे। एक रात यहां रुकने के बाद कश्मीर से आए दोनों युवक वापस चले गए। पुलिस पकड़े गए युवकों को 4 दिन के रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।

सी.आर.पी.एफ. और आई.टी.बी.पी. कैम्पस को दहलाने की थी साजिश

दीवाली से पहले मूसा ने जालंधर को पूरी तरह से दहलाने की साजिश रची थी। इसके लिए मूसा ने इस संगठन के युवा मैंबरों को यह टार्गेट सौंपा था। मकसूदां थाने में बम फैंकने से पहले इन कश्मीरी आतंकियों का टार्गेट विधिपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित सी.आर.पी.एफ. व आई.टी.बी.पी. कैम्पस थे। इसके अलावा मूसा के निशाने पर सूरानस्सी स्थित सेना आयुध भंडार व इंडियन ऑयल डिपो भी थे। अगर इन वारदातों में यह संगठन कामयाब हो जाता तो इससे बड़ा जानी व माली नुक्सान हो सकता था।

जालंधर के कालेजों में आतंक के इंजीनियर तैयार कर रहा था मूसा

दरअसल कुख्यात आतंकी जाकिर मूसा जालंधर के कालेजों में आतंक के इंजीनियर तैयार कर रहा था। जालंधर के 2 इंजीनियरिंग कालेजों सी.टी. इंस्टीच्यूट व सेंट सोल्जर कालेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्रोलॉजी को वह अपने आतंकियों के संरक्षण व शरण स्थली के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। इससे पहले भी इस संगठन के गिरफ्तार 2 आतंकी सी.टी. इंस्टीच्यूट तो एक आतंकी सेंट सोल्जर ग्रुप का था। मकसूदां थाना बम कांड में भी सेंट सोल्जर ग्रुप के ही दोनों आतंकी निकले।

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