सिविल अस्पताल के डाक्टर द्वारा मरीज के आप्रेशन से पहले रिश्वत लेने का मामला आया सामने, सिविल सर्जन ने दिया कार्रवाई का भरोसा


सिविल अस्पताल फिल्लौर के डाक्टर ने गरीब महिला का ऑप्रेशन करने के लिए उसने परिवार वालों से 10 हजार रुपए रिश्वत ले ली, लेकिन ऑप्रेशन से पहले रिश्वत लेने का मामला सामने आया है जिससे सारे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया।

वहीं इस मामले में एस.एम.ओ. डा. जतिंद्र ने कहा है की रिश्वतखोर डा. उपिंद्र के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। मरीज के परिवार वालों को रिश्वत के रुपए वापस किए जाएंगे। गांव नागरा के रहने वाले शिंद्र ने बताया कि गत दिवस उसकी पत्नी कुलविंद्र कौर 46 को पेट में काफी दर्द हो रहा था जिससे वह तड़प रही थी। वह उसे तुरंत सिविल अस्पताल फिल्लौर ले जाया गया जहां डा. उपिंद्र ने जांच कर बताया कि उसके पेट में हर्नियां हैं जिसका तुरंत ऑप्रेशन होगा। अगर वह ऑप्रेशन करवाना चाहता है तो पहले उसे 10 हजार रुपए देने होंगे। शिंद्र ने बताया कि वह काफी गरीब है और उनका सरकार की तरफ से भगत पूर्ण सिंह योजना तहत मुफ्त में इलाज करवाने का कार्ड बना हुआ है। उसके बावजूद डाक्टर को उसकी पत्नी पर कोई दया नहीं आई और उसने उसे अस्पताल में एक कोने में बिस्तर पर लिटा दिया।

मरीज का इलाज करवाने परिवार वाले पहुंचे विधायक के पास

जब महिला के पति शिंद्र से रुपयों का इंतजाम नहीं हुआ तो वह स्थानीय शहर में कार्य करते अपने दामाद अश्वनी के पास सास के इलाज के लिए रुपए मांगने गया। दामाद ने पूरी बात सुन मामला अपने मालिक मतविंद्र सचदेवा के ध्यान में लाया जो उन्हें स्थानीय विधायक बलदेव खैहरा के घर ले गया। वहां से विधायक के पी.ए. ने फोन कर डाक्टर को ऑप्रेशन करने की सलाह दी। उसके बावजूद डाक्टर परिवार वालों से रिश्वत की मांग करता रहा।

सिविल सर्जन ने भी कार्रवाई का दिया भरोसा

इस संबंधी सिविल सर्जन जालंधर डा. बग्गा ने भी अफसोस प्रकट करते हुए कहा कि वह तुरंत एस.एम.ओ. फिल्लौर से बात कर रिश्वतखोर डाक्टर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देंगे।

सिविल अस्पताल बना भ्रष्टाचार का अड्डा

अकाली दल के नेता मतविंद्र सचदेवा बंटी ने कहा कि गरीबों के इलाज के लिए खुले स्थानीय सिविल अस्पताल के डा. सेवा के नाम पर मरीजों के परिवार वालों से लूट-खसूट कर रहे हैं। यहां पर हर काम के अलग से रेट रखे हुए हैं। पट्टी करने के 100 रुपए, पोस्टमार्टम करने के 500 से 1000 रुपए ले रहे हैं, यही नहीं कुछ कर्मचारी अस्पताल से सिरिंजें चोरी कर बाहर नशेडिय़ों को महंगे दामों पर दे रहे हैं। अकाली दल अस्पताल में फैले भ्रष्टाचार पर नकेल डालने के लिए बड़े से बड़ा कदम उठाएगा।

पत्रकार सम्मेलन का आयोजन करके डाक्टर द्वारा ली रिश्वत का किया भंडाफोड़

आज प्रात: महिला का दामाद अश्वनी अपने एक रिश्तेदार के साथ अस्पताल पहुंचा। उन्होंने अपने कैमरे चालू कर लिए, जैसे ही अश्विनी ने डा. उपिंद्र को रिश्वत के 10 हजार रुपए दिए तो पैसे पकड़ते ही डाक्टर मरीज को ऑप्रेशन थिएटर के अंदर ले गया। मरीज का सफल ऑप्रेशन होने के बाद मतविंद्र सचदेवा, बंटी व मरीज के परिवार वालों ने अस्पताल में पत्रकार सम्मेलन का आयोजन कर डाक्टर द्वारा ली जा रही रिश्वत का भंडाफोड़ कर दिया।


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