फैक्ट्री के चौकीदार को बंधक बनाकर धागा लूटने वाले गिरोह के सात सदस्यों को सीआइए स्टाफ-1 ने किया गिरफ्तार


फैक्ट्री के चौकीदार को बंधक बनाकर धागा लूटने वाले गिरोह के सात सदस्यों को सीआइए स्टाफ-1 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के फरार तीन आरोपितों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से 3000 किलो धागा, एक दात और एक चाकू बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के सरसावा निवासी साजमी, इसी जिले के गांव नामल निवासी मोहम्मद अफजल, उप्र के जिला बिजनौर के गांव शेरकोट निवासी नदीम, टिब्बा रोड के मोहल्ला गुरु गोबिंद सिंह नगर निवासी मोहम्मद सोनू, मोहम्मद मुबारक, टिब्बा रोड स्थित मायापुरी निवासी दीपक शर्मा, टिब्बा रोड निवासी गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। फरार आरोपित टिब्बा रोड स्थित गुलाब बाग कॉलोनी निवासी आरिफ मोहम्मद, मोहल्ला गुरु गोबिंद सिंह नगर निवासी सलीम बगर और मोहम्मद गुलजार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों के पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि चौकीदार को बंधक बनाकर हथियारों के बल पर लूटपाट करने वाले गिरोह के सरगना साजमी समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह में दीपक शर्मा और गुरमीत सिंह टेंपो चलाते हैं।

दोनों आरोपित अलग-अलग जगहों पर बनी धागा फैक्ट्री में से सामान उठाने जाते थे और इस दौरान रेकी कर पूरी जानकारी गिरोह के सरगना साजमी को देते थे। इसके बाद साजमी अपने अन्य सदस्यों के साथ फैक्ट्री में घुस जाता था और फैक्ट्री के चौकीदार को बंधक बनाकर अंदर से लाखों रुपये का धागा लूट लेते थे। उसके बाद साजमी अपने गैंग के आरिफ, सलीम बगर और मोहम्मद गुलजार को सस्ते दाम में धागा बेच देता था। तीनों आरोपित बाजार में सस्ते दाम पर धागा बेच देते थे। पहले से भी कही मामले है दर्ज सीपी गिल के मुताबिक साजमी ने 2012 में गैंग तैयार किया। आरोपितों के खिलाफ लूटपाट के 13 मामले दर्ज हैं। आरोपित साजमी तीन मामलों में और आरोपित मोहम्मद अफजल चार मामलों में भगोड़ा है। सभी आरोपित लूटने के बाद वापस उत्तर प्रदेश चले जाते थे। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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