शिक्षक द्वारा 7वीं की छात्रा को सबके सामने अपमानित करने पर छात्रा ने की आत्महत्या- हथेली पर लिखी शिक्षक द्वारा अपमानित करने की कहानी


मुझे सभी के सामने चरित्रहीन कहा, ऐसे शब्द कहे, जिसे लिख पाना जब मेरे लिए कठिन हो रहा है तो सुनने में कितना गलत लगा होगा, मैं अपने दोस्तों से नजरें नहीं मिला पा रही…मेरे साथी मेरा मजाक बना रहे हैं, ऐसे में जीने का कोई फायदा नहीं… ये इबारत अपनी हथेली पर लिखकर 7वीं कक्षा की बच्ची ने फांसी लगा ली।

बच्ची ने लिखा, भगवान कृष्ण से मिलने जा रही हूं

ज्वाइंट सीपी के मुताबिक 7वीं कक्षा में पढऩे वाली डेजी राठौर (12) ने विज्ञान के शिक्षक द्वारा लगातार अपमानित करने व फटकार लगाए जाने से तंग आकर खुदकुशी की। उन्होंने बताया कि डेजी ने उसका उत्पीडऩ करने वाले शिक्षक का नाम अपनी हथेली व हाथ पर लिखा है और अपने फांसी पर लटकने का कारण भी बताया है। उन्होंने कहा, लड़की ने हथेली व हाथों पर लिखा है कि वह अब स्कूल नहीं जाना चाहती थी। उसने अपनी मां व दादी से माफी मांगी है और कहा कि वह भगवान कृष्ण से मिलने जा रही है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि लड़की की मां जब करीब 4 बजे अदालत से घर लौटीं तो अपनी बेटी को मृत पाया।

इस संबंध में मां ने बताया कि मेरी बेटी की शिकायत है कि वही शिक्षक हर रोज उसे फटकार लगाता था। इसी शिक्षक ने शुक्रवार को बॉयोलाजी लैब में उसकी कक्षा ध्यापक की मौजूदगी में 10 मिनट तक उसे अपमानित किया व डांट लगाई। मां कमल राठौर ने कहा कि इस घटना के बाद वह स्कूल के बॉथरूम में जाकर रोई थी। मां ने बताया कि इससे पूर्व भी ऐसा कई बार किया गया, जिसके संबंध में उसने अपनी मां को ये बातें बताई थीं, लेकिन मां ने उससे कहा कि तुम पढ़ाई न करने के कारण ऐसा कह रही हो।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

आत्महत्या जैसा कदम उठाने का कारण उसने अपने हाथों में बयां किया। उन दो शिक्षकों के नाम लिखे जिन्होंने सरेआम उसे ऐसा कहा और जलील किया। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने कुछ भी बोलने से इंकार किया है। बता दें कि 1 दिसम्बर को दिल्ली के इंदरपुरी में एक 7वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। बच्ची ने ये कदम उस समय उठाया जब वह घर में अकेली थी और उसकी मां किसी काम से बाहर गई थी।

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