पंजाब के ग्रामीण इलाकों में चल रहे 700 सेवा केन्द्र हुई बंद, कर्मचारियों को नोटिस जारी


Sewa kendra

आर्थिक तंगी से जूझ रही कैप्टन सरकार ने पंजाब भर के ग्रामीण इलाकों में चल रहे 700 सेवा केन्द्रों को बंद कर दिया है। इसके चलते इन सेवा केन्द्रों में काम कर रहे 1,000 के करीब नौजवान बेरोजगार हो गए हैं। वहीं इन इलाकों में बसे लाखों परिवारों को सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं की प्राप्ति के लिए सरकारी दस्तावेज बनवाने के लिए अब शहरी इलाकों में पड़ते सेवा केन्द्रों की खाक छाननी पड़ेगी। खासतौर पर उक्त कदम बुजुर्ग महिलाओं के लिए किसी बड़ी आफत से कम साबित नहीं होगा, क्योंकि उन्हें बुढ़ापा एवं विधवा पैंशन के लिए फार्मों संबंधी जांच हेतु अपने घरों से लंबा सफर तय करके शहरी कार्यालयों में बैठे कर्मचारियों तक पहुंच करनी पड़ेगी। बता दें कि ग्रामीण इलाकों में आज भी अधिकतर बुजुर्ग महिलाएं अनपढ़ होने के कारण सरकारी स्कीमों का लाभ लेते समय अंगूठा ही लगाती हैं।

कर्मचारियों को 23 जून तक का दिया नोटिस

सेवा केन्द्रों में काम कर रहे करीब 1 हजार कर्मचारियों को सरकार द्वारा 23 जून तक का समय देते हुए नोटिस जारी किया गया है, ताकि वे समय रहते किसी अन्य स्थान पर नौकरी ढूंढ सकें। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा जारी किए गए उक्त नोटिस में यह बात भी साफ की गई है कि कर्मचारियों को 23 जून तक की बकाया वेतन राशि उनके बैंक खातों में डाल दी जाएगी और इससे पहले कर्मचारियों को जारी की गई सरकारी मशीनरी जमा करवाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सेवा केन्द्रों से जुड़ी हैं 150 सरकारी योजनाएं

ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में चलने वाले सेवा केन्द्रों में 150 के करीब सरकारी योजनाओं संबंधी दस्तावेज तैयार करके लाभपात्रों को फायदा पहुंचाया जा रहा है लेकिन एकाएक सेवा केन्द्र बंद होने से सरकारी योजनाओं के लाभपात्रियों को दिक्कत पेश आएगी।

  • 719
    Shares

LEAVE A REPLY