आईएसएस और एमआईटी के विशेषज्ञों ने किया स्‍मॉर्ट टॉयलेट का अविष्‍कार, कैंसर और मधुमेह जैसी बीमारियों के बारे में करेगा सचेत


Smart toilet

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (आईएसएस) और एमआईटी के विशेषज्ञों ने एक ऐसे शौचालय का अविष्‍कार किया है, जो आपको गंभीर बीमारियों के बारे में पहले ही सचेत करेगा। ये स्‍मार्ट शौचालय आपके मूत्र को ट्रैक करके कैंसर और मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारियों के शुरुआती संकेतों को बताने में सक्षम होगा। विशेषज्ञ टीम ने इस शौचालय का नाम ‘फिटलू’ रखा है। उच्च तकनीक से लैस यह शौचालय मूत्र में मौजूद अतिरिक्त प्रोटीन और ग्लूकोज की जांच करेगा और इस जानकारी को वह एक कटोरे के अंदर स्थित सेंसर के जरिए डेटा एकत्र करेगा।

इतना ही नहीं ये शौचालय इन अपशिष्‍ट पदार्थों के उतार-चढ़ाव पर भी नजर रखेगा। यानी रीडिंग का वह लगातार अपडेट भी देगा। यह सूचना रीडिंग से रीलीव होने के बाद फौरन मिलेगी। ये तकनीक उन मरीजों के लिए बहुत उपयोगी है जो दूरदराज के इलाकों में रहते हैं। इन मरीजों से दूर बैठा डाक्‍टर उनके स्‍वास्‍थ्‍य पर इस एप्‍लीकेशन के जरिए नजर रख सकता है।

शौचालय में मिलने वाले डेटा को आप जीपीएस या अपने स्मार्टफोन के जरिए भी देख सकते हैं। इस तरह से यह रोगी को रिमोट आंखों के जरिए लगातार निगरानी कर सकता है। आईएसएस ने इस शौचालय के निर्माण में एक खास तकनीक का इस्‍तेमाल किया है। ये शौचालय स्वास्‍थ की निगरानी के लिए अंतरिक्ष यात्री द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली तकनीक पर आधारित है। इस बाबत आईएसएस मूत्र निगरानी प्रणाली नामक एक डिवाइस का परीक्षण कर रही है।

इस शौचालय की अन्‍य खूबियां

इस स्‍मार्ट शौचालय की कई खूबियां हैं। यह बेहद आरामदायक है। इसके साथ ये शौचालय वातानुकूलित है। न्‍यूनतम तापमान में भी ये आपकी टॉयलेट सीट को गरम रखेगा। इसके साथ इसमें गर्म पानी, एयर ड्रायर की सुविधा भी है। इस तरह के आरामदायक शौचालय के चलन में जापान अग्रणी है। जापान की कंपनी टोटो और मत्सुशिता ने श्‍ौचालय निर्माण में इस तरह की सुविधाएं प्रदान की है। जापानी कंपनी द्वारा निर्मित शौचालय में शरीर द्रव्यमान सूचकांक के साथ मुत्र में शर्करा और प्रोटीन के नापने की सुविधा है।

शरीर की आवाज सुनने में सक्षम है शौचालय

शौचालय बोर्ड गठबंधन में डिजिटल स्वास्थ्य और स्मार्ट स्वच्छता अभियान दल के प्रभारी माइकल लिंडनमेयर ने कहा कि फिटलू लोगों को उनके स्वास्थ्य के बारे सचेत करेगा। यह शौचालय बीमारी पर नियंत्रण पाने का एक बड़ा अवसर देता है। उन्‍होंने कहा कि फिलहाल लोग बीमार होने पर डॉक्टर के पास जाते हैं। उन्‍होंने कहा कि हम अपने शरीर से निकलने वाली आवाज को सुन पाने में अक्षम और असमर्थ हैं, लेकिन यह शौचालय हर पल हमारे शरीर की आवाज सुनने में सक्षम है।


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