शहर की प्रमुख सड़कों पर लगे यूनिपोलों व बस क्यू शेल्टर को जल्द हटाएगी NHAI


 

Unipole

फिरोजपुर रोड, लिंक रोड और चंडीगढ़ रोड को नगर निगम ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) को सौंप दिया है। इन तीनों सड़कों का मालिकाना हक अब एनएचएआइ के पास है। इन जगहों पर लगे यूनिपोलों व बस क्यू शेल्टरों से निगम अब भी कमाई कर रहा है। हालांकि अब मालिकाना हक मिलने के बाद एनएचएआइ ने साफ कर दिया कि एलिवेटिड रोड की एलाइनमेंट में जो यूनिपोल और बस क्यू शेल्टर आएंगे, वह उन्हें उखाड़ देंगे। चंडीगढ़ रोड, लिंक रोड व फिरोजपुर रोड पर तीन दर्जन से अधिक यूनिपोल व बस क्यू शेल्टर हैं। यह तीनों सड़कें शहर की प्रमुख सड़कें हैं। ऐसे में अब इनको उखाडऩे से निगम को ठेका कंपनी को प्राइम लोकेशन पर इतने ही जगह अलॉट करनी होगी।

निजी कंपनी को सौंपा है कांट्रेक्ट

बता दें कि निगम ने कुल 23 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से अगले सात साल के लिए इन यूनिपोलों व बस क्यू शेल्टरों का कांट्रेक्ट एक निजी कंपनी को सौंपा है। इस कमाई में से बड़ा हिस्सा कंपनी को इन्हीं तीन सड़कों के यूनिपोल व बस क्यू शेल्टर से होने वाला है। अब हाईवे अथॉरिटी ने निगम को एलाइनमेंट में आने वाले यूनिपोल और बस क्यू शेल्टर उखाडऩे को कहा है। ठेका कंपनी ने निगम के पास शर्त रखी थी कि वह फिरोजपुर रोड व चंडीगढ़ रोड पर कुछ नए यूनिपोल लगाएगी। तब निगम ने उन्हें नए यूनिपोल लगाने की हामी भर दी थी। पर अब फिरोजपुर रोड, लिंक रोड व चंडीगढ़ रोड पर लगे पुराने यूनिपोल व बस क्यू शेल्टर भी उखाड़ दिए जाएंगे।

एनएचआइ ने हटाया जनकपुरी फुट ओवरब्रिज

नेशनल हाईवे के निर्माण में बाधा बन रहे अलग-अलग स्ट्रक्चर्स को हटाना शुरू कर दिया है। हाईवे अथॉरिटी ने ङ्क्षलक रोड पर तीन बस क्यू शेल्टर हटा दिए हैं। जनकपुरी के पास बने फुट ओवरब्रिज को हटाने के लिए हाईवे अथॉरिटी के अफसर निगम को काफी देर से कह रहे थे। पर वे इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे। दो दिन पूर्व यह मामला डीसी के साथ हुई बैठक में उठा तो शनिवार को हाईवे अथॉरिटी ने फुट ओवरब्रिज को भी हटा दिया।

सांसद बिट्टू के होर्डिंग हटाने को भी कहा

एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने निगम कमिश्नर को चिट्ठी लिखी है कि नेशनल हाईवे पर लगे कांग्रेस प्रत्याशी रवनीत सिंह बिट्टू के होर्डिंग हटाए जाएं। इस पर निगम कमिश्नर ने हाईवे अथॉरिटी को जवाब में लिखा है कि इस संबंध में जिला चुनाव अधिकारी को रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। चुनाव अधिकारी इन सभी बोर्डों का खर्च प्रत्याशी के खर्च में शामिल कर रहा है।


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