कैप्टन सरकार ने विवादित अधिकारी राजजीत सिंह को मोगा SSP पद से हटाया


नशे के सौदागरों के साथ संबंधों की वजह से चर्चा में रहे और विपक्ष के निशाने पर आए एस.एस.पी. मोगा राजजीत सिंह को राज्य सरकार ने एस.एस.पी. पद से हटा दिया है। राजजीत सिंह को एस.एस.पी. मोगा से हटाकर चौथी कमांडो बटालियन मोहाली में कमांडैंट के पद पर तैनात किया गया है, जबकि उनके स्थान पर कमलजीत सिंह ढिल्लों को एस.एस.पी. मोगा तैनात किया गया है।

पी.पी.एस. अधिकारी राजजीत सिंह उस वक्त विवादों से घिर गए थे, जब नशे के खिलाफ अभियान के लिए कै. अमरेंद्र सिंह द्वारा गठित स्पैशल टास्क फोर्स द्वारा नशे व हथियारों की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किए गए इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह के गहरे संबंध एस.एस.पी. राजजीत सिंह के साथ होने का खुलासा किया गया था। बताया गया था कि पिछले काफी समय से इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह लगातार उसी जिले में तैनात होता रहा था, जहां एस.एस.पी. के तौर पर राजजीत सिंह को जिम्मेदारी मिलती थी। एस.टी.एफ. द्वारा गिरफ्तारी के वक्त भी इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह के जालंधर से मोगा ट्रांसफर होने की बात कही जा रही थी। एस.टी.एफ. द्वारा इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह के खिलाफ दायर चार्जशीट में भी एस.एस.पी. राजजीत सिंह का जिक्र किया गया था, जिसे एस.एस.पी. राजजीत सिंह ने अपने खिलाफ साजिश करार देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी।

उसके बाद ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डी.जी.पी. चट्टोपाध्याय की अगुवाई में एस.आई.टी. बनाकर सारे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था। इसी जांच की वजह से डी.जी.पी. चट्टोपाध्याय ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में यह कहा था कि उन्हें जांच में डी.जी.पी. स्तर के अधिकारियों के खिलाफ सबूत मिल रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें एक आत्महत्या के मामले में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की आपसी खींचतान के बीच हुई किरकिरी के बाद कै. अमरेंद्र सिंह को सभी उच्च अधिकारियों की बैठक बुलानी पड़ी थी।

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