उच्चतम न्यायालय ने EVM को लेकर सुनाया बड़ा फैसला, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कि खारिज


उच्चतम न्यायालय ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ईवीएम की जगह मतपत्रों के इस्तेमाल का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनजीओ ‘न्याय भूमि’ की इन दलीलों से सहमति नहीं जताई कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) का दुरुपयोग हो सकता है और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उनका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। पीठ ने जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रणाली और मशीन का उपयोग तथा दुरुपयोग दोनों हो सकता है। आशंकाएं सभी जगह होंगी।

बता दें कि पिछले लंबे समय से लोकसभा के चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाने की मांग की जा रही है। पिछले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने ईवीएम पर सवाल उठाया था। उन्होंने विधानसभा चुनावों में बीजेपी के पक्ष में छेड़छाड़ कर वोट डलवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अप्रैल, 2017 में दिल्ली नगर निगम चुनावों में ईवीएम के बजाए मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग की गई थी। इसके बाद कई पार्टियों ने ईवीएम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।


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