सब्जी वाले ने कूड़े में से उठाया था इस लड़की को, बड़ी होकर लड़की ने ऐसे चुकाया एहसान


जिंदगी का हर दिन एक जैसा नहीं होता है कोई दिन अच्छा होता है तो कोई दिन बुरा होता है लेकिन अच्छे बुरे दिन के बाद अच्छा दिन ज़रूर आता है और यकीन मानिये अगर मनुष्य करना चाहे तो दुनिया का कोई भी काम नामुमकिन नहीं होता है. आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे है जिसे शायद ही आप जानते होंगे. दोस्तों जिंदगी के अंदर कुछ अच्छे होते हैं तो कुछ दिन बुरे भी होते हैं लेकिन बुरे दिनों के बाद अच्छा दिन जरूर आता है| अगर मनुष्य चाहे तो दुनिया के अंदर कोई भी कार्य नामुमकिन नहीं होता ऐसे ही आज हम आपको एक लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे शायद आप जानते हो.

असम के गांव के एक सब्जी वाला था जिसका नाम सोबरन था वह काफी गरीब घर से था एक बात सोबरन सब्जी का ठेला लेकर कहीं जा रहा था| तभी उस से बच्चे के रोने की आवाज आई लेकिन जब वह उस तरफ गया तो उसे वहां उसे कोई भी नजर नहीं आया लेकिन जब वह झाड़ियों की तरफ गया तो उसने एक बच्ची को देखा जिसे किसी ने कूड़े के अंदर डाल दिया था सोबरन उस बच्चे को अपने घर ले गया| सोबरन उसे अपने बच्चे की तरह पालने लगा सोवरन रोजाना सब्जी का ठेला लेकर बाजार जाता और घर आकर बच्ची को संभालता चाहे वह खुद खाना न खाएं लेकिन बच्ची को खाना खिलाता था उसने उसकी पढ़ाई में भी कोई कसर नहीं छोड़ी|

वर्ष 2017 में ज्योति की मेहनत रंग लाई और ज्योति को असम ने लोक सेवा आयोग में परीक्षा दी और उसे अच्छे नंबर से पास किया उसे आयकर सहायक के आयुक्त के पद पर पोस्टिंग दी गई आज ज्योति अपने पिता के साथ खुशी-खुशी जीवन जी रही है| सब्र ने कहा कि वह सबसे अच्छा दिन था जब वह ज्योति को घर लेकर आया वह भगवान का शुक्रिया अदा करता है |कि उसे ज्योति जैसी बेटी मिली ज्योति ने उसकी हर सपने को पूरा किया और वह इस बात पर गर्व महसूस करता है कि वह ज्योति का पिता है|

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