एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेस यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन


दुनिया में एंटीबायोटिक दवाओं के अत्याधिक प्रयोग के चलते इंसानी जिंदगियों को होने वाले नुकसान पर चर्चा को लेकर लुधियाना स्थित गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेस यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय वर्कशॉप आज से शुरू हो गई। मीडिया से बातचीत में यूनिवर्सिटी के उप-कुलपति डॉ ए.एस. नंदा ने बताया कि एंटीबायोटिक धीरे धीरे हमारे शरीर में घर कर लेते हैं जो एक वक्त के बाद असर करना बंद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में यह एक बड़ी समस्या बन चुकी है। हर साल करीब 7.50 लाख लोग सिर्फ इसलिए मर जाते हैं क्योंकि एंटीबायोटिक उनके शरीर में बैक्टीरिया को खत्म करना बंद कर देता है। उन्होंने खुलासा किया कि सुपरबग नाम के बैक्टीरिया के लिए अभी तक एंटीबायोटिक दवा का निर्माण नहीं हो सका है।

इस दौरान केबिनेट मंत्री बलबीर सिधू ने कहा कि बैक्टीरिया हमारे लिए गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। खास तौर पर पेट की बीमारियां बैक्टीरिया के चलते ही होती हैं। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे एंटीबायोटिक हमारे शरीर में काम करना बंद कर देता है। ऐसे में इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। जब कुछ साइंटिस्ट आपस में बैठते हैं तो एक नया नतीजा निकल के सामने आता है। इस दिशा में हमारी सरकार पूरा सहयोग दे रही है। जबकि नशों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने नशेे पर लगाम लगाई है। उन्हें खुलासा किया कि युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करने सहित प्रचार मुहिम चलाई जा रही है। इसी तरह डोप टेस्ट शुरू किए गए हैं ।

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