3 साल के भांजे शुभम शौर्य को सगे मामा ने दी खौफनाक मौत, मामा ने ईंट-पत्थर से किये इतने वार की मासुम की आँखों से निकलने लगा खून


आज के समय में लोगों में सहनशीलता दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है और इंसानियत खत्म होती जा रही है| कई मामलों में पुलिस द्वारा पकड़े गये आरोपियों ने बताया की किसी की हत्या करना उनके लिये अपना नाम और लोगों में दहशत फैलाना होता है वहीं कई मामलों में आरोपियों द्वारा बच्चों को भी बख्शा नहीं गया है ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसने रिश्तों को दागदार कर दिया है और मानवता को झंझोड़ कर रख दिया है ऐसे एक मामले में जमशेदपुर में 3 साल के शुभम शौर्य की उसके छोटे मामा आशुतोष ने खौफनाक तरीके से हत्या कर दी है। पोस्टमॉर्टम के अनुसार, बच्चे को बांधकर उसके पेट, सिर एवं अन्य अंगों पर प्रहार किया गया। पेट में बायीं ओर ईंट-पत्थर से मारा गया था, जिससे वहां खून जमने से नीला निशान बन गया था। मासूम पर इस कदर प्रहार किया गया था कि उसकी दोनों आंखों से खून की धारा बह निकली थी। मासूम का एक हाथ भी तोड़ दिया गया था। घटना स्थल से पुलिस ने 4 पत्थर भी बरामद किए हैं।

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोग मासूम का शव देख रो पड़े। हर किसी के मुंह से निकला- कंस भी इतना बेरहम नहीं होगा। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बच्चे के पिता के पास एक परिचित का फोन आने पर बच्चे के पिता धर्मेंद्रने फफकते हुए कहा- बाबू अब नहीं रहा। मुन्ना (मामा का एक और नाम) ने बाबू को मार दिया। हत्या का कारण बहन का डांटना, घरवाले व संबधियों द्वारा तरजीह नहीं देना बताया जाता है। घरवालों ने आरोपी को सनकी और चिड़चिड़े स्वभाव का भी बताया। मुन्ना सिक्युरिटी में काम करता था।

मंगलवार को सुपरवाइजर से ड्यूटी को लेकर मुन्ना का हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, अनिकेत उर्फ मुन्ना की मंगलवार को ड्यूटी के दौरान उसके सुपरवाइजर से विवाद हो गया था। ड्यूटी खत्म होने के बाद अतिरिक्त ड्यूटी के लिए सुपरवाइजर ने कहा, लेकिन मुन्ना ने इनकार कर दिया और घर चला गया। बुधवार को उसने सोनारी एयरपोर्ट के पास स्थित टेरियर सिक्युरिटी के कार्यालय में जाकर क्षमा मांगी। जिस सुपरवाइजर से झगड़ा हुआ था, उसने लिखित आवेदन देने को कहा। इसके बाद मुन्ना रामजनमनगर स्थित बहन के घर चला गया।

सुबह 10 बजे भाभी को फोन कर मुन्ना ने कहा ले लिया न बदला! देख लो हम क्या कर सकते हैं

धर्मेंद्र मिश्रा के अनुसार, इकलौते भांजे की हत्या करने के बाद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे मुन्ना ने अपनी भाभी अनुप्रिया को फोन कर कहा- देख लिया सब ना, हम क्या कर सकते हैं? ले लिए अपना बदला। जो भी तिरस्कार करता है, उससे बदला लेंगे।

रात 10 बजे मुन्ना ने पिता को कहा- घर पर हूं

मुन्ना के पिता कौशल कुमार झा ने बताया- बुधवार देर शाम करीब सात बजे वे ड्यूटी से घर लौटे। तब तक घटना की जानकारी नहीं थी। रात करीब आठ बजे बड़े बेटे अभिषेक ने फोन कर मुन्ना के बारे में पूछा। अभिषेक ने ही सारी बात बताई। इसके बाद वे रजनी के घर पहुंचे। उनलोगों ने कई बार मुन्ना को फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद था। रात करीब 10 बजे मुन्ना के सुपरवाइजर ने कॉन्फ्रेंस के जरिए मुन्ना से बात कराई। उस समय मुन्ना ने बताया- वह घर (आदित्यपुर) में है। उन्होंने शुभम से बात कराने को कहा तो मुन्ना ने फोन काट दिया। इसके बाद अभिषेक को आदित्यपुर स्थित घर भेजा, लेकिन वह नहीं मिला।

पिता धर्मेंद्र मिश्रा ने कहा, मुन्ना से उनका किसी तरह का लड़ाई-झगड़ा नहीं था, फिर उसने ऐसा क्यों किया? मुन्ना सनकी था। वह अपनी तुलना बच्चों से करता था। मुन्ना के बड़े भाई या माता-पिता वीडियो कॉल कर शुभम से बात करते थे तो मुन्ना उनमें शामिल नहीं होता था। मिश्रा दंपती को आशंका है कि बुधवार दोपहर जिस तरीके से रजनी ने बेटे के रोने की बात को लेकर मुन्ना को डांटा था, शायद वह बात मुन्ना के मन में घर कर गई होगी। इसके बाद उसने शुभम को मार दिया।

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