पंजाब में बीच चौराहे पर हुई निराली शादी, व्‍यस्‍त चौराहे में मंडप के बिना युवक- युवती बने पति-पत्नी


पंजाब के बठिंडा शहर में एक निराली और अनोखी शादी हुई इस शादी में ना ही कोई बैंड-बाजा और ना ही बारात थी बल्की शादी करने वाले युवक युवती ने शादी के ना तो कपड़े पहने थे और ना ही मेहंदी लगाई थी पर फिर दोनों का विवाह व्यस्त चौराहे के बीचों-बीच हुआ| यह अनोखी शादी शहर के परसराम नगर के चौक पर हुई। शहर के इस व्‍यस्‍त चौराहे पर ही दूल्‍हा-दुल्‍हन ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और बन गए जीवनसाथी। यह शादी करवाई शहर के एक पूर्व पार्षद ने। शादी के बाद वर-वधू ने पास के मंदिर में माथा टेका और इस मौके पर चाय पार्टी भी हुई। दरअसल लड़का-लड़की में पहले से प्रेम संबंध था और दोनों अपने घर से भाग कर कुछ दिन साथ भी रहे थे। लेकिन, बाद में प्रेमी शादी करने से मुकर गया। लड़की के परिजनों ने प्रेमी लड़के को बहुत समझाया और लड़की का जीवन बर्बाद होने की दुहाई दी, लेकिन प्रेमी शादी के लिए तैयार नहीं हुआ।

यह बात पूर्व पार्षद विजय कुमार को पता चली तो उन्होंने युवती के परिवार वालों से पूरे मामले की जानकारी ली और फिर शुक्रवार को युवक और उसके परिजनों को बुलाकर समझाया। लड़की के परिजन भी वहां मौजूद थे और लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई। इसके बाद युवक व उसके परिजन शादी के लिए तैयार हो गए। फिर क्‍या था बीच चौराहे पर ही लोगों की मौजूदगी में उनकी शादी करा दी गई।

जानकारी के अनुसार, जैतों के 24 साल के युवक हैप्पी का बठिंडा के परसराम नगर की रहने वाली लड़की प्रिया के साथ प्रेम संबंध था। दो साल से वे एक दूसरे के संपर्क में थे। कुछ दिन पहले हैप्‍पी युवती को घर से भगा ले गया। इसके कुछ दिन बाद वह अचानक प्रेमिका को उसके घर छोड़ गया। उसने युवती से शादी करने से इन्‍कार कर दिया। युवती और उसके परिजनों ने युवक को बहुत समझाया। उन्‍होंने लड़की का जीवन बर्बाद होने की दुहाई दी, लेकिन युवक नहीं माना।इसके बाद युवती के परिजन पूर्व पार्षद विजय कुमार से मिले। इसके बाद विजय कुमार ने शु्क्रवार को प्रेमी युवक और उसके परिवार को बातचीत के लिए जैतों से बठिंडा बुलाया। उन्‍होंने युवक के परिवार के साथ जैतों के कई गण्‍मान्य लोगों को भी बुलाया। इसके बाद यहां पंचायत हुई।

पंचायत में युवक ओर उसके परिवार के लोगों को समझाया गया। प्रेमी व उसके परिजन शादी के लिए तैयार हो गए। इसके बाद वरमाला और शादी के लिए जरूरी सामान वहीं मंगवाया गया और चौक के बीच में ही दोनों की शादी करवा दी गई। इस अनोखी शादी में वर-वधू ने एक-दूसरे के गले में माला डाली ओर वहां मौजूद बड़ों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वर-वधू ने नजदीक के मंदिर में माथा टेका। इस मौके पर विजय कुमार ने चाय पार्टी का भी प्रबंध किया। युवक और युवती दोनों के परिवारों ने इस शादी पर खुशी जताई। युवती के परिजनों का कहना था कि अगर आज यह कोशिश नहीं होती तो उनकी लड़की की जिंदगी बर्बाद हो जाती। विजय कुमार ने बताया कि कोई कानूनी कार्रवाई न करवाकर दोनों पक्षों की सहमति के बाद शादी करवा दी गई। उन्होंने कहा कि अगर कोई लड़की ऐसी हालत की शिकार है तो वह या उनके परिजन उनसे मिल सकते हैं। हम उसकी पूरी मदद करेंगे।

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