वसुधा खन्ना को जाग्रति सेना द्वारा 13 साल की उम्र में नॉवल लिखने पर जाग्रति अवार्ड से किया गया सन्मानित


लुधियाना – जिस उम्र में बच्चे टीवी पे कार्टून देखते या सोशल मीडिया पे समय खराब करते है उस छोटी से उम्र में 13 वर्षीया होनहार बच्ची वसुधा खन्ना द्वारा पृथ्वी के बाहर में और जो ब्रह्माण्ड में दुनिया है उसमे घूम रहे ग्रहो को लेकर उनकी दुनिया का उनके सोचने के तरीके से वर्णन किया है जो एक समाज के लिए प्रेरणा है| इस बच्ची में भी कल्पना चावला और सुनीता विलियम की तरह प्रतिभा है जिससे प्रभावित हो कर हिन्दू सिख जाग्रति सेना द्वारा प्रवीण डंग की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में वसुधा खन्ना को जाग्रति अवार्ड सन्मानित किया गया| इस मोके पर कान्वेंट स्कूल की छात्र वसुधा खन्ना द्वारा विस्तार से बताया जैसे पृथ्वी पर कई देश है उसी तरह से पुस्तक में सौर्य मंडल में हमारे ब्रमांड से अलग ब्रमांड है।

इस ब्रमांड में कई ग्रह है। इन ग्रहों की अपनी अपनी खासियत है। इस पुस्तक में वर्णित है कि यह ग्रहः किस तरह से अपने निज़ी विवादों से ऊपर उठकर कैसे संगठित हो कर हर मुश्किल का सामना करते है ।जब जब कोई बाहर से हमला करता है तो कैसे एक्रित हो कर हर मुश्किल का सामना करते है।साथ ही वसुधा द्वारा इस मोके पर जाग्रति अवार्ड देने पर जाग्रति सैनिको का धन्यवाद किया और कहा की यह सन्मान उसको और बेहतर करने को प्रेरित करेगा इस मोके पर अश्वनी कत्याल, दर्शन अरोड़ा, संगीता भंडारी, अशोक धीर, रजत सूद, योगेश धीमान, जगदीश रिंकू, रजनीश धवन, भूपिंदर बंगा, अशोक भूटानी, सुनील जसूजा के अलावा वसुधा खन्ना के पिता पुनीत खन्ना और माता डॉक्टर रिपुला खन्ना भी उपस्थित थे|

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