रेलवे स्टेशन पर पार्किंग का ठेका ना होने के कारण चोरी हो रहे है लोगों द्वारा खड़े किये फ्री पार्किंग में वाहन – जीआरपी दर्ज नहीं कर रही शिकायत


parking site at railway station ludhiana

ठेकेदार की ओर से रेलवे पार्किंग का ठेका छोड़े जाने से वहां बेशक लोग फ्री की पार्किंग का फायदा जरूर ले रहे हैं पर इसका उनको नुकसान भी हो रहा है। दरअसल पार्किंग से अब तक कई लोगों के वाहन चोरी हो चुके हैं। वहीं जब वे शिकायत करने जीआरपी के पास जाते हैं तो उनका वाहन चोरी का केस ही दर्ज नहीं किया जाता। इस कारण यात्री बेहद परेशान है। वाहन चोरी होने पर यात्री स्टेशन अधीक्षक और डायरेक्टर के पास शिकायत करने जाते हैं। रेल अधिकारी शिकायत सुनकर ही सकते में आ जाते हैं और यात्री पर भड़कते हुए जीआरपी के पास भेज देते हैं। पर जीआरपी के कर्मी यात्री से तरह-तरह का सवाल कर उन्हें थाने से भगा देते हैं या फिर वाहन चोरी होने की जगह वाहन गुम होने की शिकायत दर्ज कर देते हैं।

मामला-1 – नेता की एक्टिवा चोरी, पर्चा गुम का किया दर्ज

गत दिवस एक नेता की एक्टिवा स्टेशन परिसर से हो गई। उन्होंने इसकी शिकायत जीआरपी से की। शिकायत कर नेताजी घर चले गए। दूसरे दिन जब नेताजी जीआरपी पहुंचे तो एक्टिवा चोरी होने की बजाय एक्टिवा गुम होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। नेताजी गुस्से में आ गए और वहां कहासुनी भी हुई। फिर भी आज तक चोरी रिपोर्ट नहीं दर्ज हो पाई।

मामला 2 – बैंक कॉलोनी के व्यक्ति की बाइक चोरी, दर्ज नहीं की शिकायत

वहीं बैंक कॉलोनी डीपी शर्मा ने बताया कि रेलवे की पार्किग से उनका मोटर साइकिल चोरी हो गया। वह शिकायत करने गए पर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस तरह कई अन्य यात्रियों के वाहन भी चोरी हुए हैं पर उनकी शिकायत जीआरपी ने दर्ज नहीं की हैं।

दर्ज होती है शिकायत – एसएचओ

रेलवे पार्किंग से वाहनों की चोरी की शिकायत दर्ज नहीं होने के बारे में जीआरपी के एसएचओ इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि लोगों की शिकायत दर्ज होती है। शिकायत मिलने के बाद आईओ नियुक्त कर केस की पड़ताल होती है और जांच पूरी होने के बाद केस दर्ज की जाती है। जब उनसे पूछा गया कि एक नेताजी की एक्टिवा चोरी हुई और रिपोर्ट में एक्टिवा गुम होने का दर्ज हुआ तो उन्होंने कहा कि नेताजी गुम लिखवा गए होंगे।

पार्किंग से करोड़ों का नुकसान

रेल पार्किंग विवाद से रेलवे को अब तक करोड़ों का घाटा हो चुका है। टेंडर नहीं होने से अभी भी नुकसान जारी है। अब तक टेंडर लेने चार कांट्रेक्टर पहुंचे जिसमें एक को टेंडर दे दिया गया लेकिन टेंडर लेने वाले द्वारा पूरा रकम नहीं जमा करने से टेंडर अधर में लटक रहा है।

पार्किंग टेंडर की प्रक्रिया पूरी – डीआरएम

फिरोजपुर रेल मंडल के डीआरएम विवेक कुमार का कहना है कि पार्किंग टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही सभी व्यवस्था सुदृढ़ होगी और लोगों की समस्या का हल हो जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि फ्री पार्किंग से वाहनों की चोरी हो रही है तो उन्होंने कहा कि यह जिम्मा जीआरपी का है और वह इसे देख कर रही है।

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