वाजपेयी का स्वास्थ्य स्थिर, चिंता की कोई बात नहीं, AIIMS मेडिकल बुलेटिन


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर से मंगलवार को जारी मेडिकल बुलेटिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चाहने वालों को सुकून देने वाली है. मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि वाजपेयी का स्वास्थ्य स्थिर. फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है. हालांकि संक्रमण ठीक होने तक वे AIIMS में ही भर्ती रहेंगे. इससे पहले AIIMS की ओर से सोमवार रात पौने ग्यारह बजे जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में एम्स ने कहा था कि वाजपेयी को लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और किडनी संबंधी दिक्कतों के बाद भर्ती कराया गया. जांच में उन्हें यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन निकला है.

बुलेटिन में कहा गया था कि वाजपेयी का उचित इलाज किया जा रहा है और उन्हें डॉक्टरों की एक टीम की निगरानी में रखा गया है. इससे पहले अस्पताल ने बताया था कि लंबे समय से बीमार चल रहे वाजपेयी को नियमित जांच और परीक्षण के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. अस्पताल की ओर से जारी बयान के अनुसार , एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण कर रही है.

पीएम मोदी और राहुल गांधी ने एम्स पहुंचकर लिया हालचाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने एम्स पहुंचे. आधिकारिक बयान के अनुसार , मोदी ने डॉक्टरों से भेंट कर वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्यों से भी भेंट की. बयान के अनुसार , प्रधानमंत्री करीब 50 मिनट तक अस्पताल में रुके.

आडवाणी भी वाजपेयी को देखने पहुंचे
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी , गृहमंत्री राजनाथ सिंह , बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह , कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी , स्वास्थ्य मंत्री जयप्रकाश नड्डा और पर्यावरण मंत्री हर्षवर्द्धन भी बीमार नेता को देखने पहुंचने वालों में शामिल रहे.

बीजेपी ने एक बयान में कहा कि वाजपेयी के इलाज को लेकर अमित शाह ने डॉक्टरों से लंबी बातचीत की. वह अस्पताल में पूर्व प्रधानमंत्री के परिजनों से भी मिले. केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि वाजपेयी का यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का इलाज चल रहा है और आशा है कि कल उन्हें छुट्टी मिल जाएगी. वाजपेयी 1998 से 2004 तक देश के प्रधानमंत्री थे. उनका स्वास्थ्य खराब होने के साथ ही धीरे – धीरे वह सार्वजनिक जीवन से दूर होते चले गए और कई साल से अपने आवास तक सीमित हैं.

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