सुरवीन चावला पर धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज होने के बाद मुश्किलें बरकरार, नहीं मिली अग्रिम जमानत


बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस सुरवीन चावला की ओर से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के वकील एडवोकेट कमलवीर सिंह तथा एडवोकेट सुरेन्द्र कुमार पेश हुए जबकि शिकायतकत्र्ता सतपाल गुप्ता की तरफ से एडवोकेट नवीन जैरथ पेश हुए। सुरवीन चावला के वकील ने दलील दी कि पुलिस जांच में बिना शामिल किए थाना सिटी ने केस दर्ज किया है। इसके जवाब में एडवोकेट नवीन जैरथ ने दलील दी कि तीनों ही आरोपियों को पैसे के लोन-देन मामले में पुलिस जांच में शामिल होने के लिए टेलीफोन पर सूचना दी गई थी लेकिन ये लोग जांच में शामिल नहीं हुए। पुलिस जांच में शामिल नहीं होने से साफ लगता है कि इन्होंने जानबूझकर जांच में शामिल नहीं हुए है। अदालत ने दोनों ही पक्ष की दलील सुनने के बाद आग्रिम जमानत देने के फैसले की सुनवाई 21 मई तय की है।

तीनों ही आरोपी करे पुलिस केस में सहयोग
अदालत परिसर में थाना सिटी में तैनात ए.एस.आई. हरबंस सिंह व शिकायतकत्र्ता सतपाल गुप्ता की उपस्थिति में एडवोकेट नवीन जैरथ ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सतपाल गुप्ता व उनके पुत्र पंकज गुप्ता ने पंजाबी फिल्म नील बट्टा सन्नाटा के निर्माण में 40 लाख रुपए का चेक फिल्म निर्माण कंपनी को भेजे थे। यह पैसा फिल्म निर्माण कंपनी की बजाए सतपाल गुप्ता के दिए 40 लाख रुपए एक्ट्रैस सुरवीन चावला के पति अक्षय ठक्कर के खाते में कैसे ट्रांसफर हुए। एडवोकेट नवीन जैरथ ने कहा कि सिटी पुलिस ने तथ्यों पर आधारित तीनों ही आरोपियों सुरवीन चावला, अक्षय ठक्कर व मनविन्द्र चावला के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब इस मामले का निर्णय अदालत में कानून के दायरे में होगा। अच्छा होगा कि आरोपी पुलिस केस में सहयोग करे।

टारगेट करने की वजह सैलिब्रेटी होना
गौरतलब है कि होशियारपुर पुलिस की तरफ से केस दर्ज होने के बाद कुछ दिन पहले ही सुरवीन चावला व उसके पति ने अक्षय ठक्कर ने कहा था कि मेरे खिलाफ साजिश के तहत पुलिस केस दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुझे टारगेट किया जा रहा है क्योंकि मैं एक सैलेब्रिटी हूं। बाकी सत्य अपने आप आगे की पुलिस कार्रवाई में सामने आ जाएगा।

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