अपराध कर विदेश भाग जाने वालों की अब खैर नहीं, तुरंत किया जाएगा रद्द ‘पासपोर्ट’


अपराध कर विदेश भाग जाने वालों की अब खैर नहीं है। रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने कहा है कि अगर किसी एन.आर.आई. पर भारत में कोई भी आपराधिक मामला दर्ज है या कोर्ट ने उसके खिलाफ सम्मन, गिरफ्तारी वारंट अथवा लुकआऊट नोटिस जारी कर रखा है तो तत्काल प्रभाव से उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा। रीजनल पासपोर्ट ऑफिस चंडीगढ़ देश में इस तरह की व्यवस्था शुरू करने वाला पहला पासपोर्ट ऑफिस है। विदेश मंत्रालय के निर्देश पर यह पहल की गई है। रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर सिबास कबिराज ने मंगलवार को प्रैस कांफ्रैंस कर बताया कि एन.आर.आई. कमीशन ने जो डाटा जारी किया है, उसके मुताबिक लगभग 12 से 13 हजार ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें एन.आर.आई. व्यक्ति हिंदुस्तान में शादी कर विदेश भाग गए और बाद में पता चला कि वह विदेश में पहले ही शादी रचा चुके हैं। पंजाब के लुधियाना, रोपड़, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़, जालंधर, होशियारपुर सहित कुल 12 जिले हैं, जहां से इस तरह की ज्यादा शिकायतें पासपोर्ट ऑफिस में पहुंच रही हैं। हरियाणा के भी कुछ जिलों से ऐसे मामले सामने आए हैं। कुछ दिन पहले इसी तरह कुछ पीड़ित महिलाएं पासपोर्ट ऑफिस में आकर उनसे मिलीं और बताया कि वह ऐसे एन.आर.आईज हस्बैंड्स का तमाम तरह का रिकार्ड और डॉक्यूमैंट्स एकत्रित कर सकती हैं जिन पर भारत में दूसरी शादी करने और पत्नी को यहीं छोड़ कर विदेश चले जाने का केस दर्ज हुआ है।

हैल्पलाइन नंबर भी किया गया जारी
कबिराज ने बताया कि उन्होंने इन महिलाओं के सहयोग से ऐसे आपराधिक किस्म के एन.आर.आईज हस्बैंड्स का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है, जिन पर दूसरी शादी करने का आपराधिक मामला दर्ज है। इसमें पुलिस की भी मदद ली जा रही है। अभी तक पासपोर्ट ऑफिस ने ऐसे एन.आर.आई. हस्बैंड्स के सात पासपोर्ट रद्द किए हैं। कबिराज ने बताया कि अगर किसी अन्य मामले में भी एन.आर.आई. पर आपराधिक केस दर्ज है और लुक आऊट नोटिस जारी हो चुका है, तब भी उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा। अगर किसी भी स्टेज पर पाया गया कि केस गलत दर्ज था या मामले से व्यक्ति बरी हो गया है तो उसका पासपोर्ट बहाल कर दिया जाएगा। पासपोर्ट ऑफिस ने एक हैल्पलाइन नंबर- 0172-2971918 जारी किया है, जिस पर फोन कर इस तरह की हैल्प मांगी जा सकती है।

पासपोर्ट के लिए अब पुलिस वैरीफिकेशन की जरूरत नहीं
रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर कबिराज ने बताया कि पासपोर्ट बनवाने के लिए अब प्रार्थी को पुलिस वैरीफिकेशन कराने की जरूरत नहीं है। पहले पुलिस वैरीफिकेशन के दौरान संबंधित थाने से पुलिस कर्मी घर तक पहुंचते थे और तस्दीक करते थे कि प्रार्थी का दिया गया पता सही है। अब अगर पासपोर्ट दिए गए पते पर प्रार्थी ने रिसीव कर लिया तो मान लिया जाएगा कि एड्रैस सही है। कबिराज ने बताया कि इससे न तो पुलिस की ओर से खराब रिपोर्ट जाने का डर रहेगा और न ही समय व्यर्थ होगा। पुलिस केवल इतनी वैरीफिकेशन करेगी कि व्यक्ति भारतीय नागरिक है और उस पर कोई केस पैंडिंग नहीं है। उसके खिलाफ कोर्ट का कोई सम्मन नहीं है। पहले पुलिस वैरीफिकेशन के साथ पूरी प्रक्रिया में 21 दिन लग जाते थे लेकिन अब महज हफ्ते भर में पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। विदेश मंत्रालय की पहल पर पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए पासपोर्ट सेवा ऐप्प शुरू किया गया है। इस ऐप्प पर नॉर्मल व तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए कहीं से भी ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।

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