चीनी सैनिकों ने लद्दाख में रुकवाया नहर का कंस्ट्रक्शन, ITBP जवानों से हुआ सामना


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चीन के सैनिकों ने लद्दाख में दखलंदाजी की है।- फाइल

लद्दाख में एक बार फिर चीनी सैनिकों की दखलंदाजी सामने आई है। पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के जवानों की एक टुकड़ी ने बुधवार को एलएसी के पास चल रहे कंस्ट्रक्शन को लेकर एतराज जताया। उन्होंने देम्चोक सेक्टर में जबरन नहर का काम भी रुकवा दिया। इसकी खबर लगते ही आईटीबीपी के जवान मौके पर पहुंचे और चीनी सैनिकों को हद में रहने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि घंटों तक भारत के 70 और चीन के 55 सैनिक इस इलाके में आमने-सामने रहे। हालांकि आर्मी ने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए इसे रूटीन मामला बताया है।

इलाके पर दावा कर रहे थे चीनी सैनिक…

– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी सैनिकों ने कहा कि भारत को LAC के पास कंस्ट्रक्शन से पहले चीन से इजाजत लेनी की जरूरत थी। जबकि एग्रीमेंट सिर्फ डिफेंस यूज के लिए हो रहे किसी कंस्ट्रक्शन की जानकारी शेयर करने का है।
– सूत्रों ने बताया कि यहां दोनों देशों के सैनिकों ने अपने-अपने बैनर तान दिए और पोजिशन ले ली। भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों को एक इंच भी आगे नहीं बढ़ने दिया। जबकि वे इस इलाके पर अपना दावा करते रहे।
– 19 जुलाई को उत्तराखंड के चमोली जिले में भी चीनी सैनिक नहर बनाने का काम रुकवा चुके हैं। भारतीय जवानों ने उन्हें वापस भेजा था।
– 2014 में मनरेगा के तहत बन रहे निलुंग नाले का काम चीनी सैनिकों ने रुकवा दिया था और मजदूरों के टेंटों को नुकसान पहुंचाया था।

क्या है विवाद?

– भारत और चीन के बीच विवादित इलाका 4000 किलोमीटर का है। लेकिन चीन का कहना है कि सीमा विवाद वाला क्षेत्र महज 2000 किलोमीटर का है।
– इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले कश्मीर में से अक्साई चीन को चीन के ही सुपुर्द कर दिया है।
– इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है।
– चीन के साथ भारत का विवाद 64 साल पुराना है। इसका एक बड़ा कारण इंटरनेशनल बॉर्डर का क्लियर न होना है।
– भारत मानता आ रहा है कि चीन जानबूझकर इस विवाद का हल नहीं कर रहा है।
– भारत मैकमोहन रेखा का निर्धारण मानता है। चीन इस रेखा को अवैध मानता है।

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