गांव मंड गौंसगढ़ के गुरुद्वारा में निशान साहिब चढ़ाने को लेकर दो गुटो में हुआ विवाद, पुलिस ने इस प्रकार सुलझाया मामला


 

Dispute

लुधियाना – सतलुज किनारे बसे गांव मंड गौंसगढ़ के गुरुद्वारा साहिब में निशान साहिब चढ़ाने को लेकर दो गुटों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों में बहस होने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला सुलझाया। दरअसल, गांव मंड गौंसगढ़ में बने गुरुद्वारा साहिब में कुछ दिन पहले गांव मंड शेरियां के एक निहंग सिंह ने नीले रंग का निशान साहिब चढ़ाया। बैसाखी के उपलक्ष्य में गांव की संगत जब केसरी रंग का निशान साहिब चढ़ाने लगी तो गांव मंड गौंसगढ़ और मंड शेरियां के लोगों में विवाद हो गया। सूचना मिलने पर समराला के डीएसपी दविंदर सिंह, थाना प्रभारी रमनइंदरजीत सिंह, इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर सुखवीर सिंह और प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार देव दत्त मौके पर पहुंचे।

दोनों पक्षों के विचार सुनने के बाद अधिकारियों ने यह मामला सुलझाया। कहा कि यह गुरुद्वारा गांव गौंसगढ़ मंड की जमीन में स्थापित है, इसलिए प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां केसरी रंग का निशान साहिब चढ़ाया जाता है जो वैसाखी पर चढ़ेगा। साथ ही गांव गौंसगढ़ मंड के निवासी अपनी प्रबंधक कमेटी का गठन कर इस गुरुघर की सेवा और देखभाल करें। प्रशासन ने दोनों गांवों को यह भी कहा कि इस गुरुघर में कोई भी माथा टेकने आए, उसे रोका नहीं जाएगा। गांव गौंसगढ़ मंड के लोगों ने बनाई प्रबंधक कमेटी पुलिस और प्रशासन के विवाद को सुलझाने के बाद गांव गौंसगढ़ मंड के निवासियों ने अपनी प्रबंधक कमेटी का गठन कर लिया। इसमें जयमल सिंह प्रधान, रेशम सिंह सचिव, गुरनाम सिंह खजांची, गुरनाम सिंह उप प्रधान, बलवीर सिंह, सतविंदर सिंह, बाग सिंह, गुलाब सिंह, गरजा सिंह, जगदेव सिंह और करनैल सिंह मेंबर चुन लिए गए।


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