डॉ. राजेश अग्रवाल की अरेस्ट और 3 साल का रिकॉर्ड चेक करने को नई एसआईटी बनी


Kidney hospital

किडनी रैकेट में फंसे नेशनल किडनी अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेश अग्रवाल को अरेस्ट करने से लेकर पिछले तीन साल का रिकार्ड लेने के लिए डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन आईपीएस सहोता ने नई एसआईटी का गठन कर दिया है।

तीसरी बार बनाई एसआईटी में डीसीपी अमृतसर जे. ईलनचेजीयन, डीसीपी जालंधर हरजीत सिंह, एडीसीपी विवेकशील सोनी, इंस्पेक्टर नवदीप सिंह और थाना-7 के एसएचओ निर्मल सिंह हैं। एसआईटी की सुपरविजन कर रहे आईजी (क्राइम) वरिंदर कुमार ने वीरवार को एसआईटी के सभी मेंबर चंडीगढ़ बुलाए हैं। वहीं जालंधर की कोर्ट में सुनवाई बुधवार को होनी है।

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