E-Way Bill का जाली खेल शुरू, 1500 रुपए प्रति टन के हिसाब से कहीं भी भेजो माल


लुधियाना – जी.एस.टी. घोटाले के बाद अब ई-वे बिल का जाली खेल शुरू हो गया है। अब किसी भी कारोबारी को देश के किसी भी कोने में स्टील का माल भेजना या मंगवाना है तो उसे अपनी कम्पनी से ई-वे बिल काटने की जरूरत नहीं है यानी कि माल भेजने वाले व माल प्राप्त करने वाले को जी.एस.टी. नहीं देना पड़ता है। माल समय पर पहुंचाने की पूरी गारंटी भी दी जाती है। सिर्फ 1500 रुपए प्रति टन के हिसाब से पासरों को पैसा दो और माल अपने गंतव्य तक पहुंचाओ।

जी.एस.टी. विभाग के एक उच्चाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पंजाब में रोजाना करोड़ों रुपए ई-वे बिल से कमाए जा रहे हैं। अकेली मंडी गोबिंदगढ़ से ही रोजाना करीब 2000 टन स्क्रैप का माल पंजाब के विभिन्न शहरों बठिंडा, जालंधर, पटियाला, अमृतसर व खन्नौरी आदि से आ रहा है। इस माल पर 1000 रुपए प्रति टन पासर चार्ज करते हैं। इसी तरह लगभग 3000 टन तैयार माल एंगल, सरिया, पत्ती व पाइप आदि पंजाब से बाहरी राज्यों में भेजा जाता है। उक्त अधिकारी के मुताबिक सरहिॆंद का एक फर्नेस मालिक व करीब आधा दर्जन लोगों ने मिलकर सिंडीकेट बनाया हुआ है। इस सिंडीकेट का सरगना कमल नामक शक्स है, जिसकी मोबाइल विंग व जिला स्तर के अधिकारियों के साथ पूरी सांठ-गांठ है।

पिछले दिनों विभाग ने करीब 2 दर्जन जाली ई-वे बिल वाली गाडिय़ां भी पकड़ी थीं लेकिन उन्हें जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया, जो सिर्फ दिखावे के लिए पकड़ी थीं। मगर जो गाडिय़ां पकड़ी गई थीं उनकी जांच करना भी अधिकारियों ने मुनासिब नहीं समझा। उक्त अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जाली ई-वे बिल पर काम करने वालों की जानकारी चंडीगढ़ में बैठे उच्चाधिकारियों को दी तो ठीक 2 दिन बाद रूटीन बदली का बहाना लगाकर उन्हें बदल दिया गया।

  • 1
    Share

LEAVE A REPLY