लुधियाना शहर में नहीं दिखा बंद का असर, पुलिस की बनी रही चौकसी


लुधियाना – जरनल कैटागिरी ने आरक्षण के खिलाफ सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को बंद का ऐलान किया था। जिसका पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर प्रचार चल रहा है। इस बंद को लेकर लगातार लोगों में दहशत भी चल रही थी। मंगलवार की सुबह शहर में बंद का ज्यादा असर नहीं दिखा। पहले कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी, बाद में धीरे-धीरे सभी ने दुकानें खोलनी शुरू कर दी। हालाकि कुछ संगठनों ने गुट बनाकर चौड़ा बाजार, गुड़ मंडी व अन्य बाजारों को बंद करवाने की कोशिश भी की। उधर, पुलिस ने सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। शहर में सुरक्षा को लेकर तीन हजार के करीब मुलाजिमों को तैनात कर दिया गया है। शहर के एंट्री प्वाइंट व अन्य जगहों पर नाकाबंदी की गई है और वाहनों की चैकिंग की जा रही है। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस पार्टी ने गश्त भी की। बाजारों और मल्टीप्लेक्स के बाहर पुलिस ने की नाकाबंदी

सोशल मीडिया पर बंद को लेकर एलान के बाद मंगलवार को पुलिस ने मुख्य बाजार और मल्टीप्लेक्स के बाहर भी नाकाबंदी कर दी। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल को इन जगहों पर तैनात कर दिया गया। पुलिस ने इस जगहों पर सीसीटीवी वैन भी लगाई हुई है। इन बाजारों में बंद करवाने आ रहे लोगों को कैमरे में भी कैद किया जा रहा है। प्रदर्शन को लेकर लोगों में दहशत एससीएसटी मामले के विवाद को लेकर दो अप्रैल को हुए भारत बंद के बाद से जरनल कैटागिरी की तरफ से 10 अप्रैल के बंद को लेकर मंगलवार सुबह से ही लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। हालाकि कुछ लोगों ने सुबह बच्चों को स्कूल नहीं भेजा ताकि अगर बंद होता है, तो बच्चों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

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