ई-कॉमर्स साइट 15 अगस्‍त से पहले होगी बंद, अब लोगों को यहां से मिलेगा सस्‍ता सामान


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ई-वाणिज्य कंपनी ईबे डॉट इन अगले महीने से काम करना बंद कर देगी. कंपनी अभी मुख्य तौर पर अपने मंच पर पुराने उत्पादों को फिर से ठीक (रीफर्बिश) कर के बेचती है. इसकी मालिक कंपनी फ्लिपकार्ट ने इसके बदले एक नया मंच शुरू करने की घोषणा की है. उल्लेखनीय है कि ईबे ने अपने इस भारतीय परिचालन को पिछले साल फ्लिपकार्ट को बेच दिया था. साथ ही उसमें 50 करोड़ डॉलर का निवेश भी किया था. इस प्रक्रिया में फ्लिपकार्ट ने ईबे के अलावा टेंसेंट और माइक्रोसॉफ्ट से भी निवेश जुटाया था. कुल निवेश 1.4 अरब डॉलर का था.

रीफर्बिश सामान के लिए आएगा नया प्‍लेटफॉर्म

फ्लिपकार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा है, ‘ईबे डॉट इन पर अपने अनुभव के आधार पर हमने इसे बंद करने का निर्णय किया है. साथ ही रीफर्बिश सामानों की बिक्री के लिए हमने एक नया ब्रांड बनाया है. मौजूदा समय में रीफर्बिश बाजार में असंगठित क्षेत्र का दबदबा है. इस नए ब्रांड को शुरू करने की प्रक्रिया के तहत हम 14 अगस्त 2018 से ईबे डॉट इन पर सभी लेन-देन बंद कर रहे हैं. ग्राहकों के इन लेन-देनों को नए मंच पर स्थानांतरित किया जा रहा है.’

रीफर्बिश सामान बेचने में आ रही थी दिक्‍कत

उन्होंने कहा कि रीफर्बिश सामान पर लोग जल्दी विश्वास नहीं करते और यह आसानी से उपलब्ध भी नहीं होता. रीफर्बिश सामान के सामने यह दो मुख्य बाधाएं हैं और फ्लिपकार्ट के ग्राहक आधार एवं एफ 1 के सूचना प्रौद्योगिकी समाधान एवं सेवाओं से इन्हें व्यापक स्तर पर हल किया जा सकता है.

नकली सामान पर साइटों पर लगेगा भारी जुर्माना

एक अन्‍य सर्वे में वेलोसिटी एमआर ने कहा है कि तीन में से एक ग्राहक पिछले 6 माह में धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का कहना है कि ई-कॉर्मस कंपनियों से होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द नियम बनाए जाएंगे. केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय ने ग्राहकों की शिकायतों पर इन नियमों का मसौदा तैयार करना शुरू किया. इसमें धोखाधड़ी करने वाली ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा.

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