MeToo के आरोप झेल रहे IT कंपनी के AVP ने किया सुसाइड, दो महिला सहकर्मियों ने यौन उत्पीड़न का लगाया था आरोप


नोएडा के जेनपैक कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट स्वरूप राज ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. उन पर कंपनी की दो महिला सहकर्मियों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके चलते उन्हें 18 दिसंबर को ही कंपनी से निलंबित कर दिया गया था. सुसाइड नोट में उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है.

मामला नोएडा के सेक्टर 137 का है, जहां जेनपैक कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट स्वरूप राज अपनी पत्नी कृति के साथ रहते थे. बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात जब कृति घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था और काफी देर से स्वरूप फोन भी किया, लेकिन फोन नहीं उठाया, जिसके पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए. घर के अंदर पहुंचते ही लोगों की पैरों तले जमीन खिसक गई, सामने पंखे पर स्वरूप का शव लटका हुआ था. लाश के पास ही एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमे अपनी बेगुनाही की बात स्वरूप ने लिखी है.

घटना का जानकारी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. स्वरूप राज ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, ‘मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे हैं. मैं ऐसा नहीं हूं. यदि मैं निर्दोष भी साबित हुआ तो भी लोग मुझे गलत नजर से देखेंगे, जिसे मैं सहन नहीं कर पाऊंगा.’ लाश के पास से पुलिस को जेनपैक्ट का लेटर भी मिला है, जिसमें लिखा है कि जब-तक स्वरूप पर सेक्सुअल हरासमेंट की जांच पूरी नहीं होती, तब-तक उन्हें काम नहीं करना है.

स्वरूप की पत्नी कृति ने कंपनी पर आरोप लगाया कि बिना बात किए और बिना जांच किए सस्पेंड करना गलत है. वो लड़कियां भी गलत हैं, जिन्होंने आरोप लगाया. मृतक की पत्नी ने कंपनी की पति की मौत का जिम्मेदार बताया है. बताया जा रहा है कि साल 2007 से स्वरूप राज स्वरूप काम कर रहा था. स्वरूप कृति भी उनके साथ इसी दफ्तर में काम करती थी. करीब दो साल पहले दोनों का प्रेम विवाह हुआ था. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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