इस शख्स ने बदला लेने के लिए बनाई थी लैंबॉर्गिनी स्पोर्ट्स कार – देखें तस्वीरें


लैंबॉर्गिनी कंपनी के संस्थापक फेरुचियो लैंबॉर्गिनी 28 अप्रैल, 1916 को इटली में जन्मे थे। उन्हें बचपन से ही मशीनों से खासा लगाव था। बाद में उन्होंने तकनीकी शिक्षा ग्रहण करके इटालियन रॉयल एयर फोर्स में नौकरी करनी शुरू कर दी। जब दूसरा विश्वयुद्ध खत्म हुआ तो नौकरी छोड़ ट्रैक्टर बनाने की एक कंपनी शुरू की, जो ठीक-ठाक चलने लगी। फेरुचियो को बचपन से ही लग्जरी और स्पोर्ट्स कारों का शौक था, इसलिए वो हमेशा कारें खरीदते रहते थे।

ऐसे बनी लैंबॉर्गिनी कार फेरुचियो के पास फेरारी 250जीटी कार थी। एक दिन फेरारी में चलते समय क्‍लच में खराबी आ गई। जिसकी शिकायत के लिए वो फेरारी के सर्विस स्टेशन पर गए, लेकिन बहुत समय तक कोई भी रिप्लाई नहीं आया। उन्होंने इसके बारे में फेरारी के मालिक एंजो फेरारी को बताया तो उन्होंने इस खराबी को दूर करने की बजाय ये कहकर मजाक उड़ाया कि ‘कार में खराबी नहीं है, बल्कि इसको चलाने वाले में खराबी है’ उसके साथ ये भी कहा कि ‘तुम ट्रैक्टर बनाने वालों को कार की क्या जानकारी होगी’।

बस फिर क्या था उन्होंने फेरारी से ज्यादा दमदार स्पोर्ट्स कार बनाना शुरू किया। साल 1963 में पहली कार लैंबॉर्गिनी 350 GTV बनाई। लैंबॉर्गिनी ने कार के लोगो में सांड की तस्वीर लगाई। साल 1974 में ईंधन की कमी का दौर आया तो लोगों ने अधिक ईंधन की खपत करने वाली लैंबॉर्गिनी कार को खरीदना कम कर दिया,जिसके चलते फेरुचियो ने लैंबॉर्गिनी कंपनी को बेच दिया। जिसके बाद लगातार कंपनी के मालिक बदलते गए और आखिर में साल 1990 में जाकर फॉक्सवैगन ने इसे खरीदा। आज तक फॉक्सवैगन ही लैंबॉर्गिनी कंपनी का संचालन कर रही है।

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