बेटी को रखने को लेकर महिला और ससुरालियों में विवाद


दोराहा में नाबालिग लड़की को अपने पास रखने के लिए उसके दादा के परिवार और पति के साथ रह रही मां के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि दादा परिवार के लोगों ने थाने के सामने धरना दे दिया। इससे सड़क पर जाम लग गया। बाद में पुलिस ने लड़की का मेडिकल करवाकर उसे फिलहाल प्रोटेक्टिव होम भेज दिया है।

दोराहा थाने में लाई गई 15 वर्षीय लड़की की मौसी नीरू सैनी (निवासी पटियाला) ने बताया कि उसकी बहन रेखा की शादी गांव गिदड़ी में हुई थी। 11 साल पहले उसके पति की मौत हो गई थी। उसने अपनी बेटी को उसके दादा के घर ही रहने दिया। लेकिन मां बच्चों के साथ हमेशा संपर्क में रही। पिछले पांच साल से वह अपनी बच्ची को खर्च भी भेज रही थी। नीरू ने आरोप लगाया कि उसकी भाजी ने उन्हें बताया कि उसके दादा के घर में उससे मारपीट की जाती है। उसके चचेरे भाई ने ही उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इसलिए वह दादा के घर नहीं रहना चाहती।

शुक्रवार सुबह से ही लड़की के दोनों परिवार वाले थाने पहुंच गए। देर शाम तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर उनके सब्र का बांध टूट गया और लड़की के दादा सेवक सिंह और चाचा संत सिंह ने परिवार सहित दोराहा थाना के मुख्य गेट धरना दे दिया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाए के पुलिस इंसाफ नहीं कर रही। देर रात तक विवाद के कारण लड़की को किसी के साथ नहीं भेजा गया। इस संबंध में दोराहा थाना के एसएचओ हरदीप सिंह ने पुलिस पर लगे सभी आरोपों को नकारा। उन्होंने कहा कि लड़की का मेडिकल करवा कर लड़की को सीडीपीओ के सामने पेश कर प्रोटेक्टिव होम भेज दिया है।

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