कैमिस्टों की हड़ताल से 25 करोड़ के कारोबार का हुआ नुक्सान


लुधियाना – कैमिस्टों के कारोबार में पुलिस व प्रशासन के दखल को लेकर आज पंजाब में होलसेल व रिटेल कैमिस्टों ने रोष स्वरूप अपनी दुकानें बंद रखीं। पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान जी.एस. चावला ने कहा कि राज्य के 22 जिलों में दवा की दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहीं।

उन्होंने कहा कि अगर अब भी पुलिस व प्रशासन का दखल कैमिस्टों के कारोबार में रहा तो वह सरकार को नोटिस दिए बिना अनिश्चितकालीन बंद कर देंगे।इस महाबंद की जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस नशा व नशे का कारोबार करने वालों को पकड़े और ऑनलाइन फार्मेसियों को बंद करवाए, जहां से ऑनलाइन ऑर्डर करके हर तरह की दवाइयां मंगवाई जा सकती है। लोगों का ध्यान बांटने के लिए कैमिस्टों को बदनाम न किया जाए। पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों का कहना था कि आज की हड़ताल के कारण 100 करोड़ का नुक्सान हुआ है। लुधियाना में यह 20 से 25 करोड़ रुपए आंका गया है। इस हड़ताल से 1.5 करोड़ रुपए के जी.एस.टी. का नुक्सान हुआ है।

बड़े अस्पतालों की फार्मैसी बनी सहारा
हड़ताल के दौरान काफी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कइयों ने हड़ताल की घोषणा के बाद राशन की तरह दवाइयां खरीदने की बात कही। भटकते मरीजों को बड़े अस्पतालों की फार्मैसी ही एकमात्र सहारा बनी, जहां से लोग दवाइयां खरीदते नजर आए। कई जगह पर कैमिस्टों ने मरीजों के बार-बार अनुरोध करने पर भी दुकानें खोलने से इंकार कर दिया।

सिर्फ ड्रग विभाग ही करे हस्तक्षेप
जी.एस. चावला ने कहा कि कैमिस्टों के कामकाज की जांच व हस्तक्षेप ड्रग विभाग ही कर सकता है। अगर कोई दूसरा करता है तो यह ड्रग एंड कॉस्मैटिक एक्ट की उल्लंघना है। पुलिस किसी ठोस सूचना पर ही छापामारी करे। हम भी नशामुक्ति मुहिम में सहयोग करने को तैयार हैं लेकिन हमें ही निशाना न बनाया जाए। पिछले 21 दिनों में जिन 1320 दवा की दुकानों में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने छापामारी की, उनमें से 4 के पास ही बिना बिल की नशों के तौर पर बिकने वाली दवाइयां मिली हैं। 1316 को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बदनाम करके चले गए।

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