पांच बेटे-बेटियां फंसे थे नशे के जाल में, अब बहू भी नशेड़ी मिली


लुधियाना – मेरे तीनों बेटे और जवान हो चुकी दोनों बेटियों सहित बहू को भी नशे ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मेरे पूरे परिवार के नशेड़ी होने का कारण बस्ती में बिकने वाला नशा है। मैं बूढ़ी औरत इस उम्र में अपना बुढ़ापा संभालूं या नशेड़ी परिवार को या नशे के कारण जिंदगी और मौत के बीच लड़ाई लड़ रहे परिवार का इलाज करवाऊं। ये व्यथा है गाव सलेमपुरा की एक बुजुर्ग औरत की, जो उसने गाव में नशे के आदी लोगों को इलाज के लिए प्रेरित करने पहुंचे सासद रवनीत सिंह बिट्टू को सुनाई।

उसकी ये बातें सुनकर न केवल सासद रवनीत सिंह बिट्टू बल्कि उनके साथ मौजूद काग्रेस के नेता व कार्यकर्ता भी दंग रह गए। बुजुर्ग महिला ने कहा कि अब उसके बूढ़े हाथों में काम करने की ताकत भी नहीं बची है और न ही इलाज के लिए पैसा है। इतनी बातें सुनने के बाद जब सासद बिट्टू ने बुजुर्ग महिला की बहू (पुत्रवधू) को समझाने की कोशिश की तो नशे की हालत में बेसुध थी और बात भी नहीं कर पाई। परिवार की ये हालात देखकर खचाखच भरे घर में सन्नाटा पसर गया। इसी दौरान बस्ती की एक औरत ने कहा कि गाव में पुलिस की सरपरस्ती में नशा बिक रहा है और नशा तस्कर खुलकर नशा बेच रहे हैं। इसके साथ ही नशा तस्करों का नाम लेने पर जान के खतरे की बात भी कही। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसपी रुपिंदर भारद्वाज ने अपना मोबाइल नंबर उसे देते हुए कहा कि वह किसी भी समय उन्हें फोन कर सकती हैं। उन्होंने शिकायत का हर समाधान करने की बात भी कही।

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