17 बच्चियों का हत्‍यारा अंतिम संस्‍कार को तरसा, परिजनों का शव लेने से इन्कार


उसकी पत्नी व बेटी ने इस घृणित हत्‍यारे का शव लेने से इन्कार कर दिया है। परिजनों ने उसका अंतिम संस्‍कार करने से मना कर दिया है। ऐसे में अब जेल अधिकारी उसके शव का अंतिम संस्कार ड्यूटी मेजिस्ट्रेट की मौजूदगी में करवाएंगे। बता दें कि दरबारा सिंह ने चार साल से 10-12 साल की उम्र 17 बच्चियों के साथ दुष्‍कर्म किया और उनकी हत्‍या कर दी थी। इनमें अधिकतर 10 साल से कम उम्र की बच्चियां थीं। इसके लिए उसे फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया था। बताया जाता है कि उसकी मौत गुप्‍त रोग से हुई है।

जेल सुपरिंटेंडेंट राजन कपूर ने कहा कि शव को परिवार को सौंपने के लिए दरबारा सिंह की पत्नी से संपर्क किया गया था, लेकिन परिवार के सभी सदस्यों ने उसका शव लेने से मना कर दिया। जेल प्रशासन ही अब उसका संस्कार करवाएगा। 76 साल का दरबारा सिंह पिछले दस सालों से पटियाला के सेंट्रल जेल में बंद था। जेल में उसकी तबीयत बिगड़ने पर राजिंदरा अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। यहां इलाज के दौरान उसकी 6 जून को मौत हो गई। बता दें कि दरबारा सिंह उसने साल 2004 में 17 बच्चियों को अगवा कर उनसे दुष्‍कर्म किया अौर फिर उनकी हत्‍या कर दी। 7 जनवरी 2008 को उसे फांसी की सजा सुनाई गई। बाद में उसकरी सजा काे उम्रकैद मे तब्‍दील कर दिया गया

पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम के अनुसार, दरबारा सिंह को टीबी जैसी कई गंभीर बीमारियां थीं। वह इससे काफी समय से पीडि़त था। दरबारा सिंह को गुप्त रोग होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में उसके सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा गया है। गुप्त रोग व गंभीर बीमारियों की वजह से ही उसकी मौत होने की संभावना जताई जा रही है, वैसे इसकी पुष्टि रिपोर्ट मिलने के बाद ही होगी।

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